अखिलेश सरकार ने पेश किया 25,347 करोड़ का Supplementary Budget
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कुर्सी पर दोबारा काबिज होने की हसरत लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को सूबे का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2016-17 के लिए विधानसभा में पेश 25,347 करोड़ 86 लाख 76 हजार रुपये के अनुपूरक बजट के जरिये अखिलेश ने विधानसभा चुनाव से पहले सबसे ज्यादा जोर अपनी सरकार के अधूरे कामों को पूरा करने पर दिया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और किसानों को सबसे ज्यादा तवज्जो मिली है तो हर जूनियर स्कूल हाईस्कूल में एक बीपीएड डिग्री धारी ‘फिजिकल एजुकेशन कम स्पोर्ट्स प्रशिक्षक’ की तैनाती का एलान कर नौकरियों की राह भी खोली है।
अनुपूरक बजट पेश करने के ठीक पहले एक कार्यक्र में सीएम ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़कों के विस्तार और उसमें किसानों की भागीदारी को विकास की रफ्तार बढ़ाने का मुख्य रास्ता बताया था। अनुपूरक बजट में उन्होंने सबसे ज्यादा तवज्जो भी इन्हें ही दी।
करीब 5000 करोड़ रुपये सड़क, पुल व एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं के लिए दिया। इसमें से 3000 करोड़ सड़कों व पुलों के लिए तो लखनऊ से बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए एकमुश्त 1300 करोड़ रुपये हैं।
एक्सप्रेस-वे के जरिए मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश
सरकार को उम्मीद है कि यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ देश की राजधानी से दूरी कम करेगा बल्कि चुनावों में पूरब से पश्चिम तक मतदाताओं को समाजवादी पार्टी से जोड़ने का भी काम करेगा।
इसी तरह इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल आगरा इनर रिंग रोड के अधूरे काम को पूरा करने के लिए 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं। त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत भी सड़क, पुल सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के तमाम काम होते हैं। अनुपूरक में इसके लिए भी 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकार ने लखनऊ में गोमती, वाराणसी में वरुणा और मथुरा में यमुना नदियों के चैनलाइजेशन व इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 789 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। ये सभी काम सिंचाई महकमा कराएगा।
किसानों का हमदर्द बनने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने फरवरी से अप्रैल 2015 में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को केंद्र के बराबर राहत देने का एलान किया था। हाल ये है कि न तो केंद्र ने अपने मानक पर किसानों की मदद की और न ही प्रदेश सरकार वादा पूर कर पाई।
विधानसभा चुनाव के पहले सरकार ने केंद्र के बराबर की जगह उससे अधिक मदद का दावा करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का एकमुश्त एलान किया है। इस रकम के वितरण के बाद वह किसानों के बीच अपने को केंद्र से अधिक हमदर्द साबित करने की कोशिश करेगी।
ओलंपिक में पदक के सूखे से सबक
रियो ओलंपिक में पदक के सूखे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट में खेलों में रुचि बढ़ाने के लिए हर जूनियर हाईस्कूल में बीपीएड डिग्री धारी ‘फिजिकल एजुकेशन कम स्पोर्ट्स प्रशिक्षक’ की तैनाती का एलान किया है। प्रदेश में करीब 48 हजार जूनियर हाईस्कूल हैं।
यानी, इस योजना से 48 हजार से ज्यादा नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे। इसके लिए सरकार ने 98 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसके तहत सरकार न सिर्फ खेल प्रशिक्षक की तैनाती करेगी बल्कि उनको भी ट्रेनिंग दिलवाएगी। यही नहीं, हर स्कूल को खेल का सामान खरीदने के लिए 2000 रुपये भी दिए जाएंगे।
यूथ पर नजर
सरकार ने युवाओं के लिए समाजवादी युवा स्व-रोजगार योजना के लिए पांच करोड़ रुपये और इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देने व स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए पांच करोड़ रुपये से प्रारंभिक निधि स्थापित करने का फैसला किया है।
24 घंटे बिजली के लिए जारी रहेगा काम
सरकार ने अक्तूबर से 24 घंटे बिजली आपूर्ति का एलान कर रखा है। इसके लिए केंद्र की उदय योजना में भी भागीदारी की गई है। उदय योजना के अंतर्गत सुधारात्मक कार्य जारी रहें इसके लिए शर्तों के मुताबिक खर्च के लिए 1498.28 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा 100 करोड़ पारेषण कार्यों के लिए, 100 करोड़ वितरण नेटवर्क के लिए, 38.88 करोड़ डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के गांवों के विद्युतीकरण और 54 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों के विद्युतीकरण के लिए दिए हैं।
कहां से आएगा पैसा
अनुपूरक बजट : 25347 करोड़ 86 लाख 76 हजार रुपये
14776 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार के संसाधनों से बाकी रकम केंद्रीय सहायता व अन्य माध्यमों से।