सीएम आदित्यनाथ की नसीहत- दिखावा न करें, लालबत्ती का दुरुपयोग न करें
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भारी बहुमत से जीतकर यूपी की सत्ता में पहुंची भाजपा अब भविष्य की चुनौतियों से निपटने को फिक्रमंद नजर आ रही है।
पार्टी रणनीतिकारों की चिंता जहां इतनी बड़ी संख्या में जीतकर आए विधायकों के आचार व व्यवहार को बेहतर बनाए रखने की दिख रही है तो भारी बहुमत देने वाली जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की फिक्र भी उसे सताती नजर आ रही है। इसकी झलक बृहस्पतिवार को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में भी दिखाई पड़ी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे हों या उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अथवा संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, सभी ने मंत्रियों व विधायकों को मर्यादित चाल-चलन और जनसेवा के चिंतन से काम करने की नसीहत दी।
साथ ही यह भी कहा कि लालबत्ती का दुरुपयोग न हो और हूटर का इस्तेमाल न किया जाए। जिससे जनता को सपा और बसपा की सरकारों से बदली संस्कृति वाली सरकार नजर आए और उन्हें लगे कि मौजूदा सरकार उनके सरोकारों से काफी नजदीक से जुड़ी है।
काफिला लेकर न चलें, दुर्व्यवहार न करें
विधायकों व मंत्रियों को योगी की तरफ से काफिला लेकर न चलने और किसी से दुर्व्यवहार न करने की हिदायत भी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही जिलों के प्रभारी मंत्री तय कर दिए जाएंगे।
विधायक उनके साथ बैठकर अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और विकास की योजना बना लें। कहीं यदि कोई अधिकारी नहीं सुन रहा है तो उससे सीधे भिड़ने के बजाय प्रभारी मंत्री को बताएं।
अधिकारी से काम कराने की जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री की होगी। यह भी कहा कि वह खुद भी विधायकों के लिए लगातार उपलब्ध रहेंगे। कहीं कोई कठिनाई आ रही है तो उनसे मिलकर भी बताई जा सकती है।
कार्यकर्ताओं से भी आग्रह कर लिया जाए कि कोई अधिकारी या कर्मचारी उनकी बात नहीं सुन रहा है तो वे उससे न भिड़ें बल्कि इसकी जानकारी अपने विधायक या संगठन के वरिष्ठ लोगों को दें। जनहित के विरुद्ध या दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारी व कर्मचारी निश्चित रूप से दंडित किए जाएंगे।
दिखावे से दूर रहें, जनता व कार्यकर्ताओं से मिलते रहें
मुख्यमंत्री ने विधायकों व मंत्रियों को दिखावे से दूर रहने की नसीहत दी तो यह हिदायत भी दी कि मंत्री हों या विधायक, उन्हें जनता और कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते-जुलते रहना चाहिए।
उन्हें यह महसूस न होने पाए कि जीतने के बाद उन्हें भूल गए हैं। कार्यकर्ताओं के कामों पर भी ध्यान दिया जाए और उनकी उचित अपेक्षाओं पर भी तवज्जो दी जाए। कहीं कोई अपेक्षा नियमों के विपरीत है तो उन्हें समझा दिया जाए।
क्षेत्र में रहे, प्राथमिकता तय करें
योगी ने सभी को सदन न चलने पर ज्यादा से ज्यादा समय क्षेत्र में देने और लोगों के लिए उपलब्ध रहने की नसीहत भी दी। कहा कि विधायक क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की प्राथमिकता तय कर लें।
यह भी सोच लें कि सरकार में होने के नाते वे अपने क्षेत्र के लिए ऐसा क्या करा सकते हैं जिससे जनता का ज्यादा से ज्यादा कल्याण हो। लोगों को रोजगार मिले और सहूलियत भी हो। साथ ही 100 दिन बाद जनता की तरफ से पूछी जाने वाली उपलब्धियों पर जवाब देने के लिए भी अभी से तैयार रहना चाहिए।
ट्रांसफर-पोस्टिंग के चक्कर में न पड़ें
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता को गैर भाजपा और भाजपा सरकार के कामकाज में अंतर नजर आना चाहिए। मंत्रियों व विधायकों की जिम्मेदारी है कि आम लोगों के साथ अच्छा आचरण और व्यवहार करें। जिससे उन्हें इस बात का एहसास हो कि भाजपा के लोग दूसरे सत्तारूढ़ दल के लोगों जैसे नहीं हैं।
मंत्री व विधायक खुद के साथ अपने परिवार वालों को भी सत्ता की हनक के चक्कर में न पड़ने के बारे में ठीक से समझा दें। जिससे आम लोगों के बीच गलत संदेश न जाए। उन्होंने ट्रांसफर-पोस्टिंग के चक्कर में भी न पड़ने की नसीहत भी विधायकों को दी। साथ ही यह भी कहा कि कहीं अगर ऐसा जरूरी लग रहा है तो विधायक अपने जिले के प्रभारी मंत्री के जरिये इसका प्रयास करें।
बड़ा जनादेश बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने बड़ा जनादेश दिया है तो बड़ी जिम्मेदारी भी है। मंत्री व विधायक अनुशासन में रहें और आचरण व व्यवहार ठीक रखें। कोई ऐसा कार्य न होने पाए जिससे लोगों को हम पर अंगुली उठाने का मौका मिले।
गठबंधन सहित 325 विधायकों के भारी बहुमत के साथ जनता ने हमें सत्ता सौंपी है। हमारी जिम्मेदारी यह है कि सत्ता के जरिये जनता की समस्याओं का समाधान कराने में हम ज्यादा से ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएं। मंत्री बन गए हों या विधायक, हमें जनता के दुख-दर्द दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहना है।
सदन से गायब न रहें
मुख्यमंत्री ने विधायकों व मंत्रियों को अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहने की हिदायत दी। कहा कि सदन चलने के दौरान गैरहाजिरी ठीक नहीं मानी जाएगी। यह भी कहा कि नए विधायकों को पुराने लोगों से सीखना चाहिए और लाइब्रेरी में भी ज्यादा से ज्यादा समय गुजारना चाहिए।