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UP News: नर्सिंग पंजीयन से पहले क्लीनिकल परीक्षा, गुणवत्ता सुधार के लिए व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

Thu, 25 May 2023 01:44 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 25 May 2023 01:44 PM IST
सार

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नर्सिंग की गुणवत्ता में सुधार के लिए बदलाव करने की तैयारी का प्रस्ताव भेज दिया है। अब नर्सिंग में पंजीयन से पहले विद्यार्थियों को क्लीनिकल परीक्षा देनी होगी।

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Clinical Exam will be necessary for Nursing registration.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

नर्सिंग की गुणवत्ता बढ़ाने की रणनीति के तहत अब इसमें पंजीयन से पहले विद्यार्थियों को क्लीनिकल परीक्षा देनी होगी। जो इसमें पास होंगे वे ही राज्य में नर्सेज भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। इस नई तैयारी को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नेशनल नर्सिंग काउंसिल में प्रस्ताव भेजा है।

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प्रदेश में हर साल 13,120 विद्यार्थी बीएससी नर्सिंग और 2520 पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की परीक्षा पास करते हैं। इनका उप्र. स्टेट नर्सिंग काउंसिल में पंजीयन होता है। इसके अलावा करीब ढाई से तीन हजार अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी यूपी में पंजीयन कराते हैं। इनमें ज्यादातर राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक के निजी कॉलेजों से परीक्षा पास करने वाले होते हैं।
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पंजीयन के बाद ये सभी यहां के चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में निकलने वाली नर्सिंग भर्ती में आवेदन के योग्य हो जाते हैं। कुछ दिन पहले के सर्वे में यह बात सामने आई थी कि बीएससी नर्सिंग की मुख्य परीक्षा में 60 से 70 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी क्लीनिकल जानकारी में काफी कमजोर हैं। इससे अस्पतालों में चिकित्सकीय गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में गुणवत्ता सुधार के लिए तय हुआ है कि नर्सिंग की डिग्री लेने वालों की क्लीनिकल परीक्षा कराई जाए।

प्रदेश के अभ्यर्थियों को ज्यादा मौका
गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी कॉलेजों में सीसीटीवी की निगरानी में नर्सिंग की सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जा रही हैं। कॉलेजों में क्लीनिकल प्रशिक्षण का शिड्यूल भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद अब विद्यार्थियों को एक और परीक्षा से गुजारने की तैयारी है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्लीनिकल परीक्षा से विद्यार्थी क्लीनिकल कार्य पर ज्यादा फोकस करेंगे। वे नर्सिंग की मूल बातों को ध्यान से सीखेंगे। इसके अलावा पड़ोसी राज्य के कई संस्थानों से बिना पर्याप्त पढ़ाई व क्लीनिकल कार्य सीखे डिग्री लेने वाले यूपी में अपना पंजीयन नहीं करा पाएंगे। यहां नौकरियों में वही आवेदन करेंगे, जिन्हें क्लीनिकल कार्यों की पुख्ता जानकारी होगी।

बड़े संस्थानों में होगी परीक्षा
प्रस्ताव के मुताबिक पंजीयन आवेदन करने वालों का बैच बनेगा। इन्हें केजीएमयू, एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान सहित ज्यादा मरीज संख्या वाले मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में क्लीनिकल परीक्षा देनी होगी।

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