आज से 72 घंटे का सफाई अभियान शुरू, कहीं कूड़ा है तो इस नंबर पर करें कॉल
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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने पूरे लखनऊ में 72 घंटे तक का सफाई अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान सार्वजनिक स्थान, सड़कों और गलियों से कूड़ा-मलबा उठाया जाएगा। शहर में पड़े कूड़े-मलबे की जानकारी लोग दे सकें, इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर के साथ मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।
अभियान के लिए करीब 400 गाड़ियां और एक हजार से अधिक कर्मचारी काम पर लगाए गए हैं। बुधवार को हाईकोर्ट में सफाई व्यवस्था को लेकर सुनवाई होनी है। इससे पहले नगर निगम ने विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।
नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि इस दौरान सार्वजनिक स्थान, सड़कों और गली-मोहल्लों में पड़ा कूड़ा-मलवा उठाया जाएगा। किसी निजी व्यक्ति के प्लॉट या जमीन पर पड़ा कचरा अभियान का हिस्सा नहीं होगा, बल्कि ऐसे लोगों के खिलाफ निगम एनजीटी के नियमों के तहत कार्रवाई करेगा। उन्होंने शहरवासियों से कंट्रोल रूम पर फोन कर गंदगी की शिकायत करने की अपील की है।
शिकायतें दूर करने को अलग से गाड़ियां
कूड़ा-मलबा पड़ा है तो यहां करें फोन
6389300077, 0522-2307780, 2307782, 2307783
नगर निगम ने की नौ हजार सफाई कर्मियों की हदबंदी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम प्रशासन ने सफाई कर्मचारियेां की हदबंदी की रिपेार्ट तैयार कर ली है। इसे बुधवार को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के तहत एक कर्मचारी को 45 से 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में सफाई का काम करना होगा।
उसी को आधार मानकर हदबंदी का काम किया गया है। नगर निगम में नियमित, संविदा और कार्यदायी को मिलाकर करीब नौ हजार सफाई कर्मचारी हैं। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक, कोर्ट के आदेश पर सफाई कर्मचारियेां की हदबंदी कर दी गई है। सफाई व्यवस्था में सुधार को लेकर कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं उन पर अमल किया जा रहा है। हदबंदी के बाद अब शहरवासी यह जान सकेंगे कि उनके गली या सड़क पर किस सफाई कर्मचारी की ड्यूटी है।
गृहकर कैश काउंटर पर न बैठने वाले पर होगी कार्रवाई
ड्यूटी लगाए जाने के बाद भी नगर निगम के कर्मचारी गृहकर कैश काउंटर पर नहीं बैठते हैं। इस कारण दो कैश काउंटर होने के बाद भी एक बंद रहता है। इससे गृहकर जमा करने आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानकारी के बाद नगर आयुक्त ने निर्देश भी दिए उसके बाद भी कर्मचारी नहीं सुधरे।
इसे लेकर अमर उजाला ने सोमवार को समाचार प्रकाशित किया, जिसका संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने नगर आयुक्त को फोन कर कड़ी नाराजगी जताई और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने जोनल अधिकारी नरेंद्र वर्मा, कर अधीक्षक राजेश सिंह और कुलदीप अवस्थी से स्पष्टीकरण तलब किया है कि वह कौन कर्मचारी हैं जो मनमानी कर रहे हैं और कैश काउंटर पर नहीं बैठते।