लखनऊ के पारा के काकोरी मोड़ पर बृहस्पतिवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी बस और लग्जरी कार में टक्कर के बाद सलेमपुर पतौरा और नबीनगर गांव के प्रधान व उनके समर्थक आमने-सामने हो गए। दोनों तरफ के सैकड़ों समर्थकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। पथराव और हवाई फायरिंग की। डेढ़ घंटे के दौरान दोनों गुटों में तीन बार मारपीट हुई। बवाल की शुरुआत में मूक दर्शक बनकर खड़ी पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की तो उपद्रवियों ने उसपर हमला कर दिया। पुलिस कंट्रोलरूम की वैन तोड़ डाली। एक दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
लखनऊ में दो गुट भिड़े, फायरिंग-पथराव व पुलिस पर हमला
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उपद्रवियों ने घूम-घूमकर वाहनों में पथराव किया जिससे पांच कारें व बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा। दोनों पक्षों की तरफ से 70 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भी अपनी तरफ से उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। देर शाम इस मामले में दस लोगों को पकड़ा गया जिन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। उपद्रव की सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी पूर्वी शिवराम यादव सहित कई सीओ और थानेदार मौके पर पहुंच गए। तनाव के मद्देनजर इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है।
बवाल सुबह करीब दस बजे शुरू हुआ। सलेमपुर पतौरा की प्रधान बिशुनदेई का बेटा रामबख्श व बबली एलवाई मैनपुरी स्कूल की बस चलाते हैं। वह बच्चों से भरी बस लेकर उन्हें घर छोड़ने जा रहे थे तभी नबीनगर के प्रधान जमशेद अली की फॉर्च्युनर कार में टक्कर लग गई। रामबख्श और लग्जरी कार के चालक में गाली-गलौज व हाथापाई शुरू हो गई। जमशेद का पास ही में जनता प्रॉपर्टी डीलर के नाम से ऑफिस है।
ड्राइवर भागकर उनके ऑफिस पहुंचा और मारपीट की जानकारी दी। ऑफिस में मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और रामबख्श व बबली को घेर लिया। दोनों की लात-घूसों से जमकर पिटाई की गई। रामबख्श भागकर गांव पहुंचा और 40-50 लोगों को लेकर मौके पर आ गया। तब तक दूसरी तरफ से भी लाठी-डंडे से लैस लोग एकत्र हो गए। दोनों पक्ष में फिर से मारपीट शुरू हो गई।
छह-सात राउंड फायरिंग...उपद्रव
उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर पथराव किया जिससे कई लोगों को चोटें आईं। भीड़ में शामिल लोगों ने छह-सात राउंड हवाई फायरिंग भी की। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक हालात इतने अराजक हो चुके थे कि पुलिस की कार्रवाई की हिम्मत नहीं पड़ी। काफी देर तक पुलिस मूक दर्शक बनकर बवाल होते देखती रही। पुलिस कंट्रोलरूम से हालात काबू करने के लिए और फोर्स मंगाई गई। फोर्स आने के बाद कुछ देर के लिए मामला शांत हुआ लेकिन भीड़ फिर से उग्र हो गई।