{"_id":"682141af3f074fb088d8fa6d0d3ac4e6","slug":"civil-hospital-doctors-save-beggars-life-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़िए कैसे सिविल के डॉक्टर्स बने तीमारदार!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़िए कैसे सिविल के डॉक्टर्स बने तीमारदार!
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 19 Dec 2014 01:29 PM IST
विज्ञापन
जब डॉक्टर्स को पता चला कि दर्द से छटपटा रहे बजरंगी की आंत फट गई है तो उन्होंने तुरंत अपना फर्ज निभाया और उसे नई जिंदगी दी। इतना ही नहीं चिकित्सा अधीक्षक ने उसकी तीमारदारी भी की।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने एक भिखारी को नई जिंदगी दी है। हनुमान सेतु पर भिक्षा मांग कर जीवन यापन करने वाले बजरंगी (40) अचानक तेज दर्द से छटपटाने लगा।
विज्ञापन
कुछ लोगों ने दर्द से बेसुध बजरंगी को मंगलवार को सिविल अस्पताल पहुंचा दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि उसकी आंत फट गई है। बजरंगी का इलाज कर रहे डॉ. आरके गौतम ने इमरजेंसी सर्जरी की बात कही।
विज्ञापन
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे को सूचना दी गई। इसके बाद उनके आदेश पर ऑपरेशन के लिए रक्त की व्यवस्था की गई। बुधवार को सर्जरी की गई और अब उसकी हालत ठीक है। मरीज के तीमारदार की भूमिका अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने निभाई।