नगर विकास मंत्री ने स्वच्छता में नंबर वन बनने की दिलाई शपथ, स्वच्छता रैली को दिखाई हरी झंडी
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‘यूपी भी सम्मानित होगा, लखनऊ ही शुरुआत करेगा’ और ‘यूपी ने यह ठाना है, स्वच्छ प्रदेश बनाना है’ जैसे नारे गूंज रहे थे। मौका था नगर निगम की ओर से रविवार को 1090 चौराहे से निकाली गई स्वच्छता रैली का। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और महापौर संयुक्ता भाटिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कानून मंत्री बृजेश पाठक, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, नीरज बोरा, अविनाश त्रिवेदी और स्वच्छता समितियों के संयोजक सुनील मिश्र ने भी रैली में भाग लिया। नगर विकास मंत्री ने स्वच्छता का महत्व बताते हुए इसकी शपथ दिलाई। मंत्री के देर से पहुंचने के कारण रैली देरी से लगभग पौने ग्यारह बजे शुरू हो सकी।
उन्होंने रैली शुरू होने से पहले वहां मौजूद लोगों को बताया कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता आजादी से भी अधिक महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री भी झाड़ू पकड़कर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। यदि हम सब जागरूक हो जाएं तो लखनऊ भी इंदौर की तरह स्वच्छता में नंबर वन बन जाएगा।
ट्रांसफर-पोस्टिंग से दूर रहें पार्षद
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इंदौर ऐसे ही टॉप पर नहीं आया है। वहां के पार्षद ट्रांसफर-पोस्टिंग के चक्कर में नहीं रहते। उनका सारा जोर अपने वार्ड और शहर की स्वच्छता पर रहता है। उसी विचार से काम करने से उनका शहर चमका है। यहां के भी पार्षदों को उसी रास्ते पर चलना होगा।
...अरे ये पत्थर के हाथी हैं
रैली में शामिल काफी लोग स्थल के आसपास लगे हाथियों को देख रहे थे। मंत्री ने उनका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए कई बार तेज आवाज लगाई, फिर भी लोग उनकी ओर मुखातिब नहीं हुए तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ..अरे भाई वह पत्थर के हाथी हैं, चलते फिरते नहीं हैं।
नगर निगम में 110 पार्षद हैं उनमें आधे भाजपा के हैं, मगर रैली में करीब 24 ही पहुंचे होंगे। भाजपा के आठ विधायक हैं, मगर रैली में चार ही पहुंचे। वहीं नगर निगम में करीब पांच हजार स्थायी कर्मचारी और सात हजार संविदा कर्मचारी हैं, मगर रैली में बमुश्किल 500 ही पहुंचे होंगे। जबकि करीब तीन हजार स्थायी सफाई कर्मचारियों को रैली के नाम पर ही रविवार को ड्यूटी पर माना गया था और बृहस्पतिवार को इसके एवज में अवकाश दिया जाएगा। रैली में शामिल स्कूली बच्चों से ही रौनक रही। हर तरफ वही नजर आ रहे थे। ज्यादातर अफसर और कर्मचारी मंत्री का भाषण होने के बाद खिसक गए। हालांकि नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त नगर निगम मुख्यालय तक आए।
...और जब खुद निकल पड़ी रैली
रैली सुबह नौ बजे से शुरू होनी थी। बच्चे आठ बजे ही आ गए थे। कुछ देर बाद रैली में शामिल कई स्कूलों के बच्चों की रैली खुद ही आगे की ओर चल पड़ी। आनन-फानन में कर्मचारियों ने जाकर उनको रोका। बताया अभी मंत्री जी झंडी दिखाएंगे तब रैली चलेगी।
दिव्यांग असगर को लगाया गले
स्वच्छता रैली जब लालबाग पहुंची तो उसमें शामिल दिव्यांग बच्चे असगर को देख सब चकित रह गए। नगर विकास मंत्री, कानून मंत्री और महापौर सभी ने उसे गले लगाकर हौसला बढ़ाया। उसको माला पहनाई और मिठाई खिलाई। असगर ने बताया व जगदीशपुर का रहने वाला है और यहां पर कल्याणपुर में रहता है। वह अपने मन से स्वच्छता रैली में शामिल होने आया है।