राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा को बनाएंगे बेहतर, शुरू से ही देंगे व्यावसायिक शिक्षा
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अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का शत प्रतिशत क्रियान्वयन कर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा को बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए पाठ्यक्रम और शिक्षण शास्त्र, मूल्यांकन और परीक्षा सुधार, शिक्षक क्षमता संवर्धन और भर्तियां, शिक्षा में तकनीकी, कौशल विकास और व्यवसाय चुनने, छात्र सहायता प्रणाली और सुशासन-कुशल संसाधन सहित सात कार्य समूह गठित करने का निर्णय किया गया। बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय और विशेष सचिव उदयभानु त्रिपाठी मौजूद थे।
इन पर रहेगा फोकस
मूल्यांकन और परीक्षा पद्धति में सुधार किए जाएंगे। स्कूली शिक्षा से ही बच्चों के कौशल विकास और करिअर चुनने का अवसर देने के लिए करिअर काउंसलिंग कराई जाएगी। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।
दिव्यांग, जरूरतमंद और सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के लिए विद्यार्थियों के सहयोग की व्यवस्था लागू की जाएगी। सुशासन, स्कूलों में अच्छे व योग्य शिक्षक तैनात करने और स्कूल परिसर के मानक तय करने के लिए स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी का गठन किया जाएगा।
शिक्षा में निवेश आमंत्रित करने के लिए पीपीपी मॉडल विकसित किया जाएगा। शिक्षा में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल शिक्षा और डाटा मैनेजमेंट पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों की क्षमता संवर्धन के साथ नई भर्तियां की जाएंगी।