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निजी मेडिकल कॉलेजों में गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे भी पढ़ें : राज्यपाल
Thu, 05 Nov 2020 09:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 05 Nov 2020 09:30 PM IST
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
निजी मेडिकल कॉलेजों की पढ़ाई काफी खर्चीली है। इन कॉलेजों को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार के साथ बैठकर बीच का रास्ता निकालना चाहिए। ये बातें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को राजभवन में निजी मेडिकल कॉलेजों की समस्याओं पर आयोजित बैठक में कही। इस मौके पर उन्होंने कोविड-19 के इलाज में सराहनीय कार्य करने वाले एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि अभी कोरोना बीमारी खत्म नहीं हुई है। लिहाजा इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि कई जगहों पर कोरोना संक्रमितों की संख्या दोबारा बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रों को गंभीर विषयों पर शोध करना चाहिए ताकि उसका लाभ पूरी मानवता को मिले। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी गंभीर अनुसंधान कार्य पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने एरा मेडिकल कालेज में विकसित कंप्यूटर एडेड रिवीजन एंड इवैल्यूएशन एप को नि:शुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर कहा कि इसे अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। वहां से अन्य मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज के देयों का भुगतान जल्दी कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ को शीघ्र शिक्षण कार्य कराने के भी निर्देश दिए।
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राज्यपाल के प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेजों ने 15-15 टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेकर देखभाल करना स्वीकार कर लिया।
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राज्यपाल ने कहा कि अभी कोरोना बीमारी खत्म नहीं हुई है। लिहाजा इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि कई जगहों पर कोरोना संक्रमितों की संख्या दोबारा बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रों को गंभीर विषयों पर शोध करना चाहिए ताकि उसका लाभ पूरी मानवता को मिले। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी गंभीर अनुसंधान कार्य पर विशेष जोर दिया गया है।
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उन्होंने एरा मेडिकल कालेज में विकसित कंप्यूटर एडेड रिवीजन एंड इवैल्यूएशन एप को नि:शुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर कहा कि इसे अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। वहां से अन्य मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज के देयों का भुगतान जल्दी कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ को शीघ्र शिक्षण कार्य कराने के भी निर्देश दिए।
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राज्यपाल के प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेजों ने 15-15 टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेकर देखभाल करना स्वीकार कर लिया।
विश्वविद्यालयों की स्वायतता का मतलब मनमानी नहीं होता है : राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि तल्ख अंदाज में कहा कि विश्विद्यालयों की स्वायतता का मतलब मनमानी नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कोई कुलपति ऐसा कोई कार्य न करे जो नियमों की परिधि के बाहर हो। उन्होंने विश्विद्यालयों में नियुक्ति के लिए होने वाले साक्षात्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को राजभवन में प्रदेश के कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों एवं पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय की समस्याओं के निस्तारण को लेकर बैठक की। राज्यपाल ने कहा कि अलग-अलग बैठक करने पर समस्याओं की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती है। उन्होंने कहा कि सभी कुलपति नियमित रूप से विश्वविद्यालय में बैठें तथा छात्र-छात्राओं से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय में 3 माह के किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर पारदर्शिता से नियमित नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के संबंध में राजभवन को कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से रिक्त नियमित पदों एवं सेवानिवृति से रिक्त होने वाले पदों भर्ती पर कोई रोक नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूरा कराएं ताकि उनकी लागत में वृद्धि न हो।
बैठक मे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कि प्रदेश के सभी कृषि महाविद्यालयों को राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ उनके परिक्षेत्र के आधार पर सम्बद्ध किए जाने का मामला नीतिगत है तथा इस पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2018 अंगीकृत कर जल्द लागू किया जाएगा। इसी तरह कृषि विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी चिकित्सा, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की सुविधा देने पर राज्य सरकार जल्द निर्णय लेगी।
बैठक में राज्यपाल ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा तैयार पुस्तक ‘जैविक खेती के आयाम’ का विमोचन भी किया। बैठक में पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत, मुख्य सचिव श्री आर.के. तिवारी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को राजभवन में प्रदेश के कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों एवं पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय की समस्याओं के निस्तारण को लेकर बैठक की। राज्यपाल ने कहा कि अलग-अलग बैठक करने पर समस्याओं की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती है। उन्होंने कहा कि सभी कुलपति नियमित रूप से विश्वविद्यालय में बैठें तथा छात्र-छात्राओं से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय में 3 माह के किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर पारदर्शिता से नियमित नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के संबंध में राजभवन को कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से रिक्त नियमित पदों एवं सेवानिवृति से रिक्त होने वाले पदों भर्ती पर कोई रोक नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूरा कराएं ताकि उनकी लागत में वृद्धि न हो।
बैठक मे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कि प्रदेश के सभी कृषि महाविद्यालयों को राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ उनके परिक्षेत्र के आधार पर सम्बद्ध किए जाने का मामला नीतिगत है तथा इस पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2018 अंगीकृत कर जल्द लागू किया जाएगा। इसी तरह कृषि विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी चिकित्सा, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की सुविधा देने पर राज्य सरकार जल्द निर्णय लेगी।
बैठक में राज्यपाल ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा तैयार पुस्तक ‘जैविक खेती के आयाम’ का विमोचन भी किया। बैठक में पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत, मुख्य सचिव श्री आर.के. तिवारी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।