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Lucknow News: मासूम की जटिल सर्जरी करके जन्मजात बीमारी से दिलाई निजात
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ऑपरेशन करने वाली टीम।
लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने केजीएमयू की टीम की मदद से बच्चे को एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन (हाई एआरएम) करने में सफलता हासिल की है। परिजनों ने पहले निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया, लेकिन सफल नहीं रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चा स्वस्थ है। टीम का दावा है कि अस्पताल में ऐसी सर्जरी पहली बार हुई है।
सीतापुर टांडा के खुंखुन पुरवा निवासी रामू का एक साल का बेटे अयान कुमार जन्मजात बीमारी इंपरफोरेट एनस (जन्म के समय से मलद्वार का न होना) की समस्या से पीड़ित था। परिजनों ने राजधानी के निजी अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन करवाया था। एक लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं रहा। दोबारा समस्या होने पर परिजन, बच्चे को बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार को दिखाया। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी।
साढ़े चार घंटे चली सर्जरी
डॉ. अखिलेश ने केजीएमयू के पीडियाट्रिक विभाग के प्रमुख डॉ. जेडी रावत से मदद ली। ऑपरेशन के लिए केजीएमयू से पीडियाट्रिक सर्जन्स की टीम बलरामपुर अस्पताल भेजी गई। डॉ. अखिलेश ने बताया कि मरीज को पोसटेरियर सेगीटल एनोरेक्टोप्लास्टी (पीएसएआरपी) नामक जटिल सर्जरी करीब साढ़े चार घंटे तक की गई। मासूम का ऑपरेशन सामान्य एनेस्थीसिया देकर किया गया। अब बच्चा सामान्य रूप से खानपान, मल त्याग रहा है।
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टीम में इनका रहा सहयोग
मुख्य सर्जन में बलरामपुर के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, केजीएमयू के डॉ. जेडी रावत, डॉ. गुरमीत सिंह, एनेस्थीसिया डॉ. एमपी सिंह, डॉ. एसए मिर्जा, डॉ. जूही पाल, नर्स सीमा पांडेय, निर्मला, कृष्ण, राजू।
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सीतापुर टांडा के खुंखुन पुरवा निवासी रामू का एक साल का बेटे अयान कुमार जन्मजात बीमारी इंपरफोरेट एनस (जन्म के समय से मलद्वार का न होना) की समस्या से पीड़ित था। परिजनों ने राजधानी के निजी अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन करवाया था। एक लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं रहा। दोबारा समस्या होने पर परिजन, बच्चे को बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार को दिखाया। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी।
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साढ़े चार घंटे चली सर्जरी
डॉ. अखिलेश ने केजीएमयू के पीडियाट्रिक विभाग के प्रमुख डॉ. जेडी रावत से मदद ली। ऑपरेशन के लिए केजीएमयू से पीडियाट्रिक सर्जन्स की टीम बलरामपुर अस्पताल भेजी गई। डॉ. अखिलेश ने बताया कि मरीज को पोसटेरियर सेगीटल एनोरेक्टोप्लास्टी (पीएसएआरपी) नामक जटिल सर्जरी करीब साढ़े चार घंटे तक की गई। मासूम का ऑपरेशन सामान्य एनेस्थीसिया देकर किया गया। अब बच्चा सामान्य रूप से खानपान, मल त्याग रहा है।
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टीम में इनका रहा सहयोग
मुख्य सर्जन में बलरामपुर के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, केजीएमयू के डॉ. जेडी रावत, डॉ. गुरमीत सिंह, एनेस्थीसिया डॉ. एमपी सिंह, डॉ. एसए मिर्जा, डॉ. जूही पाल, नर्स सीमा पांडेय, निर्मला, कृष्ण, राजू।