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परमवीर चक्र विजेता मनोज पांडेय की प्रतिमा का अनावरण करने रुढ़ा पहुंचे थल सेनाध्यक्ष, बोले- देश की शान...कैप्टन हमारे अभिमान
Fri, 19 Mar 2021 10:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 19 Mar 2021 10:30 PM IST
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थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
- फोटो : अमर उजाला
भारत मां की रक्षा के लिए दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले कैप्टन मनोज पांडेय की प्रतिमा का अनावरण करने थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे शुक्रवार को उनके गांव रूढ़ा पहुंचे। प्रतिमा के अनावरण को लेकर तैयारियां पहले से ही मुकम्मल हो चुकी थीं। पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका था। पिछले कई दिनों से सेना की टुकड़ी गांव में डेरा डालकर खुद की निगरानी में सबकुछ चाक-चौबंद करने में लगी थी। निर्धारित समय से 15 मिनट पहले पौने दस बजे थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे का हेलीकॉप्टर रूढ़ा गांव से दूर नसीरापुर के पास चीनी मिल परिसर में उतरा। हेलीकॉप्टर से थल सेनाध्यक्ष उतरे और पहले से तैयार सेना की गाड़ी में सवार होकर काफिले के साथ अमर शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के गांव पहुंचे, जहां पर देश भक्ति की धुन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सलामी लेने के बाद थल सेनाध्यक्ष ने परमवीर चक्र विजेता मनोज पांडेय के स्मारक स्थल पर फूलों से सजा हुआ सम्मान चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुष्प वर्षा कर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने बहुत ही कम समय में और कम शब्दों में परमवीर च्रक विजेता की विजय गाथा का बखान करते हुए उनकी शहादत को याद किया। सेनाध्यक्ष ने कहा कि, वह होनहार अफसर थे। उन्होंने अपनी बहादुरी, शौर्य, साहस और पराक्रम के बूते दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। कैप्टन के साहस को देश सलाम कर रहा है और हमेशा करता रहेगा। उनकी बहादुरी से हमें प्रेरणा मिलती रहेगी। उनके पराक्रम से न सिर्फ सेना को बल्कि पूरे देश को गर्व है। वो हमारा अभिमान हैं और हमारी शान हैं...।
अपने अफसर की बहादुरी को कुछ इस तरह से बयां करने के दौरान थल सेनाध्यक्ष यहां मौजूूद कैप्टन के परिवार से भी मुखातिब हुए। अमर शहीद की वीरता, बहादुरी की बातें कुछ देर उन सबके बीच में की। इसके बाद कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपीचंद पांडेय, मां और कसमंडा स्टेट के कुंवर दिनकर प्रताप सिंह समेत संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठकर कुछ पल बिताए। इसके बाद सेना के काफिले से हेलीपैड पर पहुंचे, जहां से हेलीकॉप्टर से वह लखनऊ रवाना हो गए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर एसडीएम सिधौली संतोष राय, सीओ सिधौली रविशंकर प्रसाद, एसओ कमलापुर केएम सिंह मौजूद रहे।
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रूढ़ा के विद्यालय की प्रधानाचार्य को एक लाख का चेक
कैप्टन मनोज पांडेय की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने रूढ़ा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य आराधना दीक्षित को एक लाख का चेक सौंपा। प्रधानाचार्य को सौंपे गए इस एक लाख रुपये के चेक से वह स्कूल का कायाकल्प कराएंगी। सुविधाएं बढ़ाएंगी, जिससे इसका लाभ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा।
कैप्टन के माता-पिता को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपीचंद पांडेय और माता मोहिनी पांडेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। शहीद के पिता को सौंपा गया स्मृति चिन्ह कैप्टन की प्रतिमा थी, जिसे पाकर माता-पिता गौरवान्वित हो गए।
जब एसडीएम को लौटाया
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम सदर संतोष कुमार राय स्मारक स्थल के अंदर जा रहे थे, इस बीच गेट पर ही तैनात सेना के जवानों ने उन्हें रोक दिया और बाहर जाने को कहा, इस बीच आसपास मौजूद लोगों ने सेना के जवानों से उनका परिचय बताया, इसी दरम्यान पूरे मामले का सुपरवीजन कर रहे मेजर विपुल ठाकुर आ गए और वह एसडीएम को लेकर अंदर गए।
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सलामी लेने के बाद थल सेनाध्यक्ष ने परमवीर चक्र विजेता मनोज पांडेय के स्मारक स्थल पर फूलों से सजा हुआ सम्मान चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुष्प वर्षा कर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने बहुत ही कम समय में और कम शब्दों में परमवीर च्रक विजेता की विजय गाथा का बखान करते हुए उनकी शहादत को याद किया। सेनाध्यक्ष ने कहा कि, वह होनहार अफसर थे। उन्होंने अपनी बहादुरी, शौर्य, साहस और पराक्रम के बूते दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। कैप्टन के साहस को देश सलाम कर रहा है और हमेशा करता रहेगा। उनकी बहादुरी से हमें प्रेरणा मिलती रहेगी। उनके पराक्रम से न सिर्फ सेना को बल्कि पूरे देश को गर्व है। वो हमारा अभिमान हैं और हमारी शान हैं...।
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अपने अफसर की बहादुरी को कुछ इस तरह से बयां करने के दौरान थल सेनाध्यक्ष यहां मौजूूद कैप्टन के परिवार से भी मुखातिब हुए। अमर शहीद की वीरता, बहादुरी की बातें कुछ देर उन सबके बीच में की। इसके बाद कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपीचंद पांडेय, मां और कसमंडा स्टेट के कुंवर दिनकर प्रताप सिंह समेत संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठकर कुछ पल बिताए। इसके बाद सेना के काफिले से हेलीपैड पर पहुंचे, जहां से हेलीकॉप्टर से वह लखनऊ रवाना हो गए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर एसडीएम सिधौली संतोष राय, सीओ सिधौली रविशंकर प्रसाद, एसओ कमलापुर केएम सिंह मौजूद रहे।
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रूढ़ा के विद्यालय की प्रधानाचार्य को एक लाख का चेक
कैप्टन मनोज पांडेय की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने रूढ़ा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य आराधना दीक्षित को एक लाख का चेक सौंपा। प्रधानाचार्य को सौंपे गए इस एक लाख रुपये के चेक से वह स्कूल का कायाकल्प कराएंगी। सुविधाएं बढ़ाएंगी, जिससे इसका लाभ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा।
कैप्टन के माता-पिता को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपीचंद पांडेय और माता मोहिनी पांडेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। शहीद के पिता को सौंपा गया स्मृति चिन्ह कैप्टन की प्रतिमा थी, जिसे पाकर माता-पिता गौरवान्वित हो गए।
जब एसडीएम को लौटाया
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम सदर संतोष कुमार राय स्मारक स्थल के अंदर जा रहे थे, इस बीच गेट पर ही तैनात सेना के जवानों ने उन्हें रोक दिया और बाहर जाने को कहा, इस बीच आसपास मौजूद लोगों ने सेना के जवानों से उनका परिचय बताया, इसी दरम्यान पूरे मामले का सुपरवीजन कर रहे मेजर विपुल ठाकुर आ गए और वह एसडीएम को लेकर अंदर गए।