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आत्मविश्वास बढ़ाने और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनेगी घरौनी : योगी

Fri, 12 Feb 2021 11:06 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 12 Feb 2021 11:06 PM IST
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Chief Minister Yogi will distribute house hold certificate to villagers tomorrow, 1.57 lakh villagers will get gharuni
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 11 जिलों के 1001 गांवों के 1,57,244 लोगों को ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरण की शुरुआत की। स्वामित्व योजना को ग्राम्य सशक्तीकरण की दिशा में बड़ी क्रांति बताते हुए उन्होंने कहा, घरौनी सिर्फ भूमि का मालिकाना हक दिलाने वाला सरकारी कागज नहीं, बल्कि यह गांव के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने, आत्मसम्मान का बोध कराने और आत्मनिर्भरता की राह दिखाने का माध्यम है।
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अपने सरकारी आवास पर स्वामित्व योजनांतर्गत प्रदेश के 11 जिलों जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, बांदा, फ तेहपुर, कौशांबी, वाराणसी व आजमगढ़ के 1001 ग्रामों में घरौनी के डिजिटल वितरण कार्यक्रम में योगी ने लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीणों को आबादी क्षेत्र में स्थित अपनी संपत्ति (भवन, प्लॉट आदि) के प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं।
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यह विवाद और भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे ही, जरूरत पर इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋ ण भी लिया जा सकेगा। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के सात लाभार्थियों को सीएम ने घरौनी दी। जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को घरौनी का वितरण किया। कार्यक्रम को राज्यमंत्री राजस्व एवं बाढ़ सहायता विजय कुमार कश्यप ने भी संबोधित किया। 
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अब तक 2.09 लाख लोगों को मिली घरौनी
प्रदेश में अब तक 37 जिलों के 1,578 गांवों के 2,09,016 भूखंड स्वामियों को आवासीय घरौनी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि घरौनी से आबादी क्षेत्र का प्रारंभिक डाटा तैयार होने से विकास व सरकारी योजनाएं संचालित करने में सुगमता होगी। ड्रोन से सर्वेक्षण कर सही जानकारी आधारित अभिलेख तैयार हो रहे हैं। इससे दैवी आपदाओं के दौरान तेजी से सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अब मिलेगा ऑनलाइन डिजिटल खसरा
कार्यक्रम में सीएम ने डिजिटल खसरा का भी शुभारंभ किया। योगी ने बताया कि पूर्व के 21 लाइन वाले ऑफ लाइन खसरे के स्थान पर अब 46 लाइन वाला ऑनलाइन डिजिटल खसरा बनेगा। इसमें गाटा के ब्योरे के साथ फसल व सिंचाई के साधन, दैवी आपदा व कृषि अपशिष्ट का निस्तारण, वृक्ष, गैर कृषि भूमि, लीज, दो फ सली क्षेत्रफ ल व गैर कृषि भूमि तथा विशेष विवरण दर्ज किया जाएगा। लेखपालों को लैपटॉप व मोबाइल फ ोन पूर्व में ही उपलब्ध कराया जा चुका है। ऑनलाइन खसरे को फ ील्ड में ही भरा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि  1,08,846 राजस्व ग्रामों के 7.65 करोड़ गाटा खसरों का कंप्यूटरीकरण किया जाना है। ऑनलाइन खसरा होने से हर स्तर से इसका पर्यवेक्षण किया जा सकेगा। इससे अभिलेखों में पारदर्शिता आएगी। 

पुख्ता राजस्व अभिलेख ग्रामीणों को बनाएंगे सशक्त: विजय कश्यप

कार्यक्रम में राज्यमंत्री, राजस्व एवं बाढ़, विजय कुमार कश्यप ने मुख्यमंत्री का अभिनन्दन करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का भारत सरकार की 'स्वामित्व योजना' के अन्तर्गत आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया का कार्य राजस्व परिषद के निर्देशन में सभी जिलों में कराया जा रहा है। ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रिया के लिए कुल 82,913 ग्रामों को अधिसूचित किया गया है। राज्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के अन्तर्गत तैयार अभिलेख ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय तरलता एवं वित्तीय सुदृढ़ता के साथ ही विकास की प्रकिया को गति मिलेगी।
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