मुख्यमंत्री योगी ने दूसरे चरण में 9.08 लाख श्रमिकों के खातों में भेजी 90.88 करोड़ राहत राशि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दूसरे चरण में 9,08,855 श्रमिकों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए 1000-1000 रुपये के हिसाब से 90.88 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता हस्तांतरित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आपदा पूर्व चेतावनी, आपदा प्रहरी एप और राहत प्रबंधन के लिए तैयार वेब बेस्ड अप्लीकेशन मॉड्यूल का अनावरण भी किया। पहले चरण में 10 लाख से अधिक श्रमिकों के खाते में 1000-1000 रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को जरूर मिले। अब तक 52 लाख से अधिक लोगों को 1000 रुपये दिए जा चुके हैं। 19 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें दूसरी बार यह राशि दी गई है। उन्होंने आपदा प्रहरी एप व अन्य मॉड्यूल डवलप करने के लिए एसडीएमए के उपाध्यक्ष जनरल आरपी शाही, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार व राहत आयुक्त संजय गोयल व उनकी पूरी टीम की तारीफ की। कहा, हम सभी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। प्रदेश के कुछ क्षेत्र में बाढ़ के भी खतरे हैं। ऐसे में अगर हम आपदा से लड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो इससे व्यापक पैमाने पर जन-धन की हानि रोक सकते हैं।
योगी ने कहा कि राजस्व विभाग ने तकनीक के माध्यम से राहत के लिए बेहतरीन प्रयास किया है। आपदा प्रहरी एप के जरिए आम नागरिक शासन को तस्वीर भेजकर यह जानकारी दे सकेगा कि अमुक स्थान पर आपदा आई है और किस तरह नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग ने स्क्लि मैपिंग के जरिए प्रत्येक कामगार व श्रमिक को उसकी योग्यता के अनुरूप काम उपलब्ध कराने का एक बड़ा कार्यक्रम अपने हाथ में लिया है।
वज्रपात से पहले ही हो सकेगा बचाव
मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त कार्यालय व एनआईसी के सहयोग से तैयार इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम का अनावरण किया। इसके तहत मौसम विभाग द्वारा सेटेलाइट की मदद से खराब मौसम व वज्रपात की पूर्व चेतावनियों को आम लोगों तक ऑटोमैटिक एसएमएस अलर्ट व वाइस मैसेज के जरिए भेजा जाएगा। यह सूचना प्रदेश के 54000 ग्राम प्रधान, 24 हजार लेखपाल, 1.59 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 1.51 लाख आशा व 35000 पुलिसकर्मियों को जाएगी। कृषि विभाग द्वारा संचालित करीब 1100 व्हाट्सएप ग्रुप से करीब 25 लाख से अधिक किसानों को मौसम की पूर्व चेतावनी पहुंचेगी।
अब आमजन भी बता सकेंगे आपदा से कहां, कितना हुआ नुकसान
सरकार की आपदा राहत योजनाओं व कार्यों को जनता के बीच पहुंचाने व उनकी भागीदारी के लिए आपदा प्रहरी एप तैयार किया गया है। सिटीजन लॉगिन में आम लोग व किसान किसी भी आपदा के घटित होने की सूचना व फोटोग्राफ इस एप पर डाल कर सरकार तक पहुंचा सकेंगे। अभी यह सूचना राजस्वकर्मी देता था और जो दर्ज कर देता था, उसी आधार पर मुआवजा तय होता था। अब आम लोगों की ओर से एप में दर्ज की गई सूचना के सापेक्ष राहत वितरण की कार्रवाई का राहत आयुक्त कार्यालय मॉनीटरिंग करेगा। पीएफएमएस के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे किसानों तथा आपदा पीड़ित व्यक्तियों के खाते में राहत राशि भेज दी जाएगी।
बाढ़ की मुश्किलों से निकलने की बढ़ाएगा समझ
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन बाढ़ कार्ययोजना मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया। इसमें बाढ़ से होने वाले नुकसान का डाटा जुटाया जाएगा। इस पर राहत के लिए स्थापित बाढ़ चौकियों, बाढ़ शरणालय, आपदा नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा केंद्र व बाढ़ नियंत्रण कक्ष आदि का विवरण जुटाया जा रहा है। इससे किसी भी जिले की बाढ़ से जुड़े इतिहास, भूगोल व नुकसान की जानकारी घर बैठे आसानी से मिल सकेगी। नागरिक डैशबोर्ड के जरिए आम लोग अपने आसपास उपलब्ध आपदा राहत संबंधी संसाधनों की भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।