मुख्यमंत्री योगी ने एमएसएमई सेक्टर के लिए बताई कार्ययोजना, बोले- कई गुना बढ़ाएंगे निर्यात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का निर्यात कई गुना बढ़ाएंगे। पिछले वित्त वर्ष में भी इसमें 28 फीसदी की वृद्धि हुई। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर को आसानी से बैंक लोन दिलवाने का वादा भी किया।
इसके लिए गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर मंगलवार को बैंक ऑफ बड़ौदा और राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन किया गया। एक जिला-एक उत्पाद योजना के उद्यमियों को ऋण पत्र बांटे गए तथा कारीगरों को टूल किट्स बांटी गई। अच्छा काम करने वाले ग्राम प्रधानों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अवध शिल्प ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में छोटे-मझोले उद्योगों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के कामों के परिणाम अब आने लगे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए कार्यों के लिए देश में यूपी को पहला पुरस्कार मिला है।
उन्होंने स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हमें गांधीजी के मूल्यों को अंगीकार किए जाने की आवश्यकता है। गांधीजी के विचारों का अनुसरण करते हुए ही सरकार ने पिछले साल ओडीओपी योजना लागू की। इसके तहत अब तक दो लाख से अधिक लोग बैंक लोन पा चुके हैं। उन्होंने स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ाया है। पिछले वित्त वर्ष में एमएसएमई सेक्टर को 18 हजार करोड़ रुपये का बैंक लोन दिया गया था। इस बार यह काम और भी बड़े पैमाने पर करेंगे। प्रदेश में पीढ़ियों से परंपरागत उद्योगों में लगे लोगों को ट्रेनिंग देकर उन्हें बैंक से जोड़ा गया।
युवा खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्रदान करने के साथ ही युवा खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमें प्लास्टिक मुक्त भारत का सपना साकार करना है। इसके लिए आज से ही संकल्प लेना होगा। इससे न सिर्फ इंसान और पशुधन का जीवन अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि पर्यावरण भी साफ-सुथरा रहेगा। सोलर चरखा और चाक बांटकर परंपरागत उद्योगों को भी नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम शुरू किया है।