'पहले पुलिस गांव में लाठी और वारंट लेकर आती थी, अब खाना और दवाई लेकर आती है'
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दूसरे राज्यों से वापस आए श्रमिकों से बातचीत की। इन श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके राज में प्रदेश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
पहले पुलिस गांव में लाठी और वारंट लेकर आती थी, लेकिन अब पुलिस खाना और दवाई लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 5, कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास से देश के अन्य राज्यों से प्रदेश में वापस आए प्रवासी श्रमिकों से लंबी बातचीत की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धैर्य के साथ लॉकडाउन का पालन करें, यह देश के लिए हितकर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रीन जोन में कुछ औद्योगिक व रियल स्टेट से जुड़ी हुई गतिविधियों को शुरू किया है।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना के संक्रमण की चेन को तोड़ना है। योगी ने कहा कि जब बीमारी का इलाज न हो तो बचाव ही सबसे बड़ा माध्यम बनता है। कोरोना के मामले में भी यही है।
इसको नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। लॉकडाउन का सबसे बड़ा असर श्रमिकों, कामगारों और प्रतिदिन कमाने वालों पर पड़ा है। जिसको देखते हुए प्रधानमंत्री ने पैकेज की घोषणा की।
प्रदेश में आ गया रामराज्य
राजमिस्त्री का काम करने वाले बाराबंकी के अमरकेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहा कि हम लोग अभी तक यही देखते रहे हैं कि पुलिस गांव में लाठी और वारंट लेकर आती थी, लेकिन आपके राज में पुलिस खाना और दवाई लेकर आ रही है। अब प्रदेश में रामराज्य आ गया है।
मुख्यमंत्री आप गरीबों और मजदूरों के लिए जो कर रहे हैं, उसको पूरा देश देख रहा है। आज जितने भी लोग यहां मौजूद हैं, हम सबकी तरफ से आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।
हमें मिला खाद्यान्न और आर्थिक मदद
बरेली के श्रमिक वेदपाल ने कहा कि उन्हें खाद्यान्न और सहायता राशि प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते उन्होंने प्रश्न किया कि इतनी बड़ी आपदा में देश के सबसे बड़े प्रदेश को आप कैसे संभाल ले गए। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और 23 करोड़ जनता की ताकत के बल पर यह सब संभव हो पाया है।