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जेलों के 150 मीटर दायरे में न मिलें मोबाइल सिग्नल, मुख्यमंत्री ने सुरक्षा चौकस करने के दिए निर्देश

Wed, 07 Aug 2019 03:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 07 Aug 2019 03:49 PM IST
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Chief Minister Yogi Adityanath gives instruction on security of jails.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कानून-व्यवस्था की बेहतरी के लिए जेलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें। जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उनकी जवाबदेही भी तय की जाए। सेवा प्रदाता कंपनियों और केंद्र सरकार से बात करके इस तरह की व्यवस्था करें कि जेलों के 100-150 मीटर के दायरे में मोबाइल सिग्नल ही न मिले।

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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लोकभवन में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर मुलाकाती अनिवार्य रूप से जेलों में लगे सीसीटीवी कैमरे के सामने से होकर ही गुजरे।
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जो जेलें शहरों के बीचों-बीच आ गई हैं, उनको बेचकर शहर से 15-20 किलोमीटर दूर नई जेल बनवाई जाएं। इससे इतनी रकम मिल जाएगी कि जिन जिलों में अब तक जेल नहीं हैं, वहां भी बन जाएंगी। वहीं, सुरक्षा के अन्य संसाधन भी जुटाए जा सकेंगे।

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जेलों में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाएंगे 1500 पुलिस कर्मी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम खर्चे में बेहतर सुरक्षा के लिहाज से बहुमंजिली बैरक बनाई जाएं। जेल में तैनात कर्मचारियों और वहां बंद अपराधियों का गठजोड़ तोड़ने के लिए हर दो महीने में नए कर्मचारियों को तैनात करें। छह माह में जेलों की व्यवस्था में सुधार दिखने चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर 1500 पुलिसकर्मियों की तत्काल नियुक्ति के साथ ही भोजन की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, इटावा और प्रयागराज में निर्माणाधीन जेलों के काम की प्रगति और कार्यदायी संस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि समय से काम पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

जेलों में ही सुनिश्चित कराएं न्यायिक सुनवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माह जिला निगरानी समिति की बैठक होती है। इस बैठक में डीएम और एसएसपी को जिला जज से बात कर जेलों में ही न्यायिक सुनवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। राजनीतिक मुकदमे अनावश्यक रूप से उत्पीड़न का जरिया बन गए हैं। इनको समाप्त कराने के लिए भी कदम उठाएं।

भ्रष्टाचार के आरोप में जो कर्मचारी बर्खास्त या निलंबित हुए हैं, उनको कोर्ट से राहत न मिलने देने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्वतंत्रता दिवस, शिक्षक दिवस व पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती और गांधी जयंती पर तय संख्या में कैदियों को रिहा करें। 70 साल से अधिक उम्र के बीमार कैदियों की रिहाई पर भी विचार करें।

लखनऊ में फोरेंसिक साइंस विवि के लिए 144 एकड़ जमीन

बैठक में लखनऊ में प्रस्तावित पुलिस एवं फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा हुई। इसके लिए 144 एकड़ जमीन उपलब्ध है।

विश्वविद्यालय के साथ यहां एक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के भी निर्देश दिए। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब की स्थापना और उनमें डिग्री व डिप्लोमा के पाठ्यक्रम शुरू करने के भी निर्देश दिए।

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