{"_id":"69708b9fa95d722997096e8a","slug":"chief-minister-yogi-adityanath-addressed-the-86th-all-india-presiding-officers-conference-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी बोले: अंतिम व्यक्ति की आवाज को सदन तक पहुंचाने की प्रेरणा हमारी संसद है, सम्मेलन को किया संबोधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी बोले: अंतिम व्यक्ति की आवाज को सदन तक पहुंचाने की प्रेरणा हमारी संसद है, सम्मेलन को किया संबोधित
Wed, 21 Jan 2026 02:20 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 21 Jan 2026 02:20 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही और किए गए बदलाव को लेकर चर्चा की।
विज्ञापन
पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को सदन में पहुंचाने की प्रेरणा हमारी संसद है। जो भी विधानसभा संसद के नियमों का अवलोकन कर ले तो उसे अपनी विधानसभा चलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के विधान भवन में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित रहे थे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कर संसद की तर्ज पर नियमावली में बदलाव किये गए हैं जिससे अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सदन में होती है। विधानसभा में विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश , आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संबंध में एक विस्तृत चर्चा हुई है। इस चर्चा में 300 से अधिक माननीय सदस्य उत्तर प्रदेश विधानसभा में उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें - "पीठासीन अधिकारी का व्यवहार निष्पक्ष और न्यायसंगत होना चाहिए", लोकसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन में दिया बयान
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ी, 36 घंटे से नहीं किया भोजन
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारे सदन की कार्यवाही आराम से होती है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा और विधान परिषद में पेपर लेस काम बड़े स्तर पर होता है। यूपी विधानसभा लगातार देश के अलग-अलग ज्वलन्त मुद्दों पर चर्चा करती रहती है। 26 नवम्बर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हमने मौलिक अधिकारों को लेकर दोनों सदनों में चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यह मंच सीखने और सिखाने के लिए है। यह कार्यक्रम एक नई प्रेरणा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कर संसद की तर्ज पर नियमावली में बदलाव किये गए हैं जिससे अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सदन में होती है। विधानसभा में विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश , आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संबंध में एक विस्तृत चर्चा हुई है। इस चर्चा में 300 से अधिक माननीय सदस्य उत्तर प्रदेश विधानसभा में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - "पीठासीन अधिकारी का व्यवहार निष्पक्ष और न्यायसंगत होना चाहिए", लोकसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन में दिया बयान
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ी, 36 घंटे से नहीं किया भोजन
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारे सदन की कार्यवाही आराम से होती है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा और विधान परिषद में पेपर लेस काम बड़े स्तर पर होता है। यूपी विधानसभा लगातार देश के अलग-अलग ज्वलन्त मुद्दों पर चर्चा करती रहती है। 26 नवम्बर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हमने मौलिक अधिकारों को लेकर दोनों सदनों में चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यह मंच सीखने और सिखाने के लिए है। यह कार्यक्रम एक नई प्रेरणा है।