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Lucknow News: अब यूजर चार्ज के 60 हजार रुपये के चेक बाउंस
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लखनऊ नगर निगम।
लखनऊ। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के यूजर चार्ज में चेक बाउंस होने के मामले थम नहीं रहे हैं। अब फिर करीब 60 हजार रुपये से अधिक के चेक बाउंस होने के मामले सामने आए हैं। लेखा विभाग को बैंक से चेक वापस मिलने पर इसकी जानकारी हुई।
ताजा मामलों में 13 बड़ी संस्थाओं के 17 चेक बाउंस हुए हैं। इन चेकों का कुल मूल्य 60 हजार रुपये से अधिक है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है क्योंकि सभी रिपोर्ट अभी नहीं आई हैं। बाउंस हुए चेक एक हजार रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के हैं। इनमें से एक संस्था के अकेले पांच चेक बाउंस हुए हैं। बैंक से चेक वापस आने के बाद नगर निगम के मुख्य वित्त लेखाधिकारी ने पर्यावरण अभियंता को रिपोर्ट भेजी है।
पूर्व में भी आ चुके कई मामले
करीब 10 महीने पहले भी शहरवासियों से वसूले जाने वाले यूजर चार्ज में 21 लाख रुपये से अधिक की घपलेबाजी सामने आई थी। निजी कंपनी रामकी ने 12.01 करोड़ रुपये से अधिक यूजर चार्ज वसूलने का दावा किया था। हालांकि निगम के खाते में करीब 11.79 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। कम धनराशि मिलने की जांच हुई तो पता चला कि 21 लाख रुपये से अधिक के चेक बाउंस हो गए। इस पर निगम प्रशासन ने कंपनी के बिल से कटौती के आदेश दिए थे। इसके बाद मई 2026 में भी चेक बाउंस के मामले सामने आए थे। उस समय 11 संस्थाओं के 80 हजार रुपये के यूजर चार्ज के चेक बाउंस हुए थे।
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यूजर चार्ज के कुछ चेक बाउंस हुए हैं। यह चेक जिन प्रतिष्ठानों के हैं उनका पता रामकी कंपनी से मांगा गया है। पता आने के बाद चेक देने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा। पैसा जमा कराना रामकी कंपनी जिम्मेदारी है। यदि पैसा नहीं आएगा तो कंपनी के बिल से कटौती की जाएगी।
संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता नगर निगम
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ताजा मामलों में 13 बड़ी संस्थाओं के 17 चेक बाउंस हुए हैं। इन चेकों का कुल मूल्य 60 हजार रुपये से अधिक है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है क्योंकि सभी रिपोर्ट अभी नहीं आई हैं। बाउंस हुए चेक एक हजार रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के हैं। इनमें से एक संस्था के अकेले पांच चेक बाउंस हुए हैं। बैंक से चेक वापस आने के बाद नगर निगम के मुख्य वित्त लेखाधिकारी ने पर्यावरण अभियंता को रिपोर्ट भेजी है।
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पूर्व में भी आ चुके कई मामले
करीब 10 महीने पहले भी शहरवासियों से वसूले जाने वाले यूजर चार्ज में 21 लाख रुपये से अधिक की घपलेबाजी सामने आई थी। निजी कंपनी रामकी ने 12.01 करोड़ रुपये से अधिक यूजर चार्ज वसूलने का दावा किया था। हालांकि निगम के खाते में करीब 11.79 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। कम धनराशि मिलने की जांच हुई तो पता चला कि 21 लाख रुपये से अधिक के चेक बाउंस हो गए। इस पर निगम प्रशासन ने कंपनी के बिल से कटौती के आदेश दिए थे। इसके बाद मई 2026 में भी चेक बाउंस के मामले सामने आए थे। उस समय 11 संस्थाओं के 80 हजार रुपये के यूजर चार्ज के चेक बाउंस हुए थे।
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यूजर चार्ज के कुछ चेक बाउंस हुए हैं। यह चेक जिन प्रतिष्ठानों के हैं उनका पता रामकी कंपनी से मांगा गया है। पता आने के बाद चेक देने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा। पैसा जमा कराना रामकी कंपनी जिम्मेदारी है। यदि पैसा नहीं आएगा तो कंपनी के बिल से कटौती की जाएगी।
संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता नगर निगम