यूपी: पाकिस्तानी संगठन को गोपनीय सूचना देने वालों के खिलाफ चार्जशीट, 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
पाकिस्तानी संगठन को गोपनीय सूचना देने वालों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। मामले में एनआईए ने विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल की कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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संवेदनशील स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर सोलर पैनल कैमरा लगाकर संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन को उसकी पहुंच देने और देश के प्रमुख स्थानों की गोपनीय सूचना देने के 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल की कोर्ट में आरोपी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और महक सहित 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल की गई है।
कोर्ट में चार्ज शीट दायर करके एनआईए की ओर से बताया गया कि सरदार जोरा सिंह छद्म नाम से काम कर रहे एक संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर आरोपी प्रवीण और ऋतिक ने 15 फरवरी को दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा किया। रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन को लाइव कैमरे की पहुंच प्रदान की थी। आगे बताया गया कि दिल्ली कैंट के कैमरों को चलाने के लिए शिवा वाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया गया।
जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे थे
वहीं, आरोपी महक ने भारतीय सिम के साथ वॉट्सएप इंस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। साथ ही शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और सुहैल मलिक ने छह कंप्यूटर माउस भेजे थे, जबकि राज वाल्मिकी और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के ब्लू डॉट कोरियर से दुबई में जूते की एक जोड़ी भेजी थी। आगे कहा गया कि सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के निर्देश पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर के जरिये जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे थे।
संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर उनकी ओर से जीपीएस मैप कैमरा का उपयोग करके विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों की वीडियो तस्वीर ली गई। बताते चलें, 14 मार्च 2026 को कमिश्नरेट गाजियाबाद के कौशांबी थाने में मामला दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना के दौरान इसमें यूएपीए की धारा 18 जोड़ी गई और मामला एनआईए को सौंपा गया।
अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
कोर्ट में बताया गया कि इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमे से पांच नाबालिग के खिलाफ एनआईए ने 18 मई 2026 को गाजियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी।
कोर्ट में बताया गया कि जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। वे प्रतिबंधित व अति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से घुसे, वहां जासूसी कैमरे लगाए और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ दुश्मन देश में बैठे हैंडलरों को भेजा।