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KGMU vs PGI: जांच वही, पर केजीएमयू में शुल्क पीजीआई से चार गुना तक महंगा

Sat, 25 Jun 2022 02:31 PM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 25 Jun 2022 02:31 PM IST
सार

केजीएमयू में पीजीआई के मुकाबले चार गुना ज्यादा जांच शुल्क लिया जा रहा है। संस्थान को सरकारी अनुदान मिलने के बाद भी टेस्ट महंगे हैं।

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Charges in KGMU four times high than SGPGI.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

केस 1- खून में क्रिएटिन एंजाइम का पता लगाने के लिए होने वाले सीके टोटल टेस्ट के लिए केजीएमयू में 250 रुपये फीस ली जाती थी, जिसे अब कम करके 230 रुपये कर दिया गया है। हालांकि, पीजीआई में यह जांच 55 रुपये में ही हो जाती है।

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केस 2- आमतौर पर हार्ट अटैक का पता लगाने के लिए होने वाले सीके एमबी टेस्ट के लिए केजीएमयू में कई सालों से 250 रुपये लिए जाते थे। अब इसकी फीस 230 रुपये कर दी गई है। इसका आधार पीजीआई की कीमतें थीं। हालांकि, वहां इसकी फीस अभी भी 80 रुपये ही है।
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केस 3- पथरी, पेट में छाले, बुखार, उल्टी, पीलिया, पित्त की थैली की सेरम एमाइलेज जांच होती है। केजीएमयू में इसकी फीस 250 से अब 200 रुपये कर दी गई है। वहीं, पीजीआई में इस टेस्ट के वही एजेंसी 50 रुपये लेती है।
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में बीते दिनों निजी एजेंसी के माध्यम से होने वाली सभी जांचों का शुल्क 15 फीसदी तक कम किया गया। कार्य परिषद से इसे पास कर लागू भी किया गया। इसका आधार पीजीआई में जांच की फीस को बनाया गया। तर्क था कि वहां के बराबर केजीएमयू में जांचों की फीस होनी चाहिए, लेकिन अभी भी कई टेस्ट ऐसे हैं जिनके लिए केजीएमयू में पीजीआई के मुकाबले चार गुना तक ज्यादा शुल्क वसूला जा रहा है।

केजीएमयू में पैथालॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोडाग्यनोसिस की काफी जांचें निजी एजेंसी के सहयोग से होती हैं। इनका शुल्क केजीएमयू एजेंसी के साथ मिलकर तय करता है। इसके बावजूद मरीजों पर महंगी जांचों का भार है। केजीएमयू में डॉक्टर से परामर्श भले ही एक रुपये के पर्चे पर मिल जाता हो, लेकिन इसके बाद जांच और दवाओं का बोझ उसकी जेब पर पड़ता है। सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद केजीएमयू में टेस्ट काफी महंगे हैं। उधर, पीजीआई पूरा भुगतान लेकर इलाज करने वाली संस्था है। इसके बावजूद केजीएमयू में पीजीआई के मुकाबले काफी टेस्ट चार गुना तक कीमत पर किए जाते हैं, जिसका पूरा भार मरीजों पर आता है।

कुछ अन्य जांचों की कीमतें

टेस्ट - पीजीआई में फीस- केजीएमयू में फीस पहले- फीस अब
सी 3- 165 रुपये- 320 रुपये- 300 रुपये
कॉर्डिओलिपिन आईजीएच- 330 रुपये- 775 रुपये- 700 रुपये
कॉर्डिओलिपिन आईजीएम- 330 रुपये- 775 रुपये- 700 रुपये
डी-डाइमर- 330 रुपये- 500 रुपये- 450 रुपये

ग्लायकोस्लेटेड हीमोग्लोबिन- 165 रुपये- 400 रुपये- 360 रुपये
ग्रोथ हॉर्मोन- 325- 800 रुपये- 760 रुपये
आईजीए- 165 रुपये- 300 रुपये- 280 रुपये

आईजीजी- 165 रुपये- 300 रुपये- 280 रुपये
प्लाज्मा रेनिन- 500 रुपये- 900 रुपये- 850 रुपये
टैक्रोलिमस- 880 रुपये- 1100 रुपये- 1050 रुपये

शुल्क में लगातार करते हैं कमी
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि केजीएमयू में मरीजों के हित में न्यूनतम शुल्क पर इलाज किया जाता है। समीक्षा के बाद इनकी कीमत में लगातार कमी भी की जाती है। अगर किसी टेस्ट की फीस यहां ज्यादा है तो कई जांचें ऐसी भी हैं जिनकी फीस यहां काफी कम ली जा रही है।

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