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Lucknow News: चारबाग स्टेशन पर लगे वृक्षों को नही काटेगा रेलवे, करेगा शिफ्टिंग
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अमर उजाला इम्पैक्ट
उत्तर रेलवे प्रशासन आरएलडीए अफसरों संग करेगा मंथन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगे बीस पेडों को रेलवे नहीं काटेगा। इन वृक्षों की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन आरएलडीए से बातचीत कर रास्ता निकालेगा।
अमर उजाला लखनऊ संस्करण के माई सिटी में बृस्पतिवार के अंक में 'चारबाग स्टेशन के बाहर विकास की पटरी पर कुर्बान होंगे हरे पेड़' शीर्षक खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में चारबाग की पार्किंग में लगे 20 हरेभरे वृक्षों को काटने का जिक्र किया गया था, जिसकी नंबंरिंग कर दी गई है। दरअसल, चारबाग स्टेशन का अपग्रेडेशन हो रहा है। ऐसे में रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण(आरएलडीए) पार्किंग में लगे इन वृक्षों को काटकर उसमें कॉन्कोर्स बनाएगा, जहां यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें पीपल, पाकड़, नीम के 25 से 30 साल पुराने पेड़ शामिल हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को मुद्दा बनाते हुए पार्किंग के वृक्षों को नहीं कटने देने की बात कही है।
सेकेंड एंट्री पर भी कटे हैं पेड़
चारबाग स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर अपग्रेडेशन कार्य के दौरान तमाम बड़े वृक्षों को पहले ही काटा जा चुका है। इससे चारबाग स्टेशन पर हरियाली का रकबा धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में पार्किंग में लगे वृक्षों को बचाया जाना पर्यावरण के लिहाज से अनिवार्य है।
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नक्शे में हो बदलाव
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल का कहना है कि वृक्षों को काटने से बेहतर है अफसर वैकल्पिक रास्ते तलाशें। इसके लिए पेडों की शिफ्टिंग एक बेहतर विकल्प है। इसके अतिरिक्त कॉन्कोर्स के नक्शे में भी बदलाव किया जा सकता है।
आधिकारिक वर्जन
चारबाग स्टेशन की पार्किंग में लगे वृक्षों को कटने से बचाया जाएगा। इसके लिए आरएलडीए के अफसरों से विचार विमर्श किया जाएगा। वृक्षों की शिफ्टिंग की जाएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण हो सकेगा। साथ ही अपग्रेडेशन कार्य भी बाधित नहीं होगा।
-कुलदीप तिवारी, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे
उत्तर रेलवे प्रशासन आरएलडीए अफसरों संग करेगा मंथन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगे बीस पेडों को रेलवे नहीं काटेगा। इन वृक्षों की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन आरएलडीए से बातचीत कर रास्ता निकालेगा।
अमर उजाला लखनऊ संस्करण के माई सिटी में बृस्पतिवार के अंक में 'चारबाग स्टेशन के बाहर विकास की पटरी पर कुर्बान होंगे हरे पेड़' शीर्षक खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में चारबाग की पार्किंग में लगे 20 हरेभरे वृक्षों को काटने का जिक्र किया गया था, जिसकी नंबंरिंग कर दी गई है। दरअसल, चारबाग स्टेशन का अपग्रेडेशन हो रहा है। ऐसे में रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण(आरएलडीए) पार्किंग में लगे इन वृक्षों को काटकर उसमें कॉन्कोर्स बनाएगा, जहां यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें पीपल, पाकड़, नीम के 25 से 30 साल पुराने पेड़ शामिल हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को मुद्दा बनाते हुए पार्किंग के वृक्षों को नहीं कटने देने की बात कही है।
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सेकेंड एंट्री पर भी कटे हैं पेड़
चारबाग स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर अपग्रेडेशन कार्य के दौरान तमाम बड़े वृक्षों को पहले ही काटा जा चुका है। इससे चारबाग स्टेशन पर हरियाली का रकबा धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में पार्किंग में लगे वृक्षों को बचाया जाना पर्यावरण के लिहाज से अनिवार्य है।
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नक्शे में हो बदलाव
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल का कहना है कि वृक्षों को काटने से बेहतर है अफसर वैकल्पिक रास्ते तलाशें। इसके लिए पेडों की शिफ्टिंग एक बेहतर विकल्प है। इसके अतिरिक्त कॉन्कोर्स के नक्शे में भी बदलाव किया जा सकता है।
आधिकारिक वर्जन
चारबाग स्टेशन की पार्किंग में लगे वृक्षों को कटने से बचाया जाएगा। इसके लिए आरएलडीए के अफसरों से विचार विमर्श किया जाएगा। वृक्षों की शिफ्टिंग की जाएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण हो सकेगा। साथ ही अपग्रेडेशन कार्य भी बाधित नहीं होगा।
-कुलदीप तिवारी, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे