टिकट एलान के बाद भाजपा में मचा घमासान
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प्रत्याशियों की घोषणा होते ही भाजपा में बवाल ने उसकी होली के रंग में भंग डाल दिया है।
देवरिया से लेकर अलीगढ़ तक कई जगह प्रत्याशियों व पार्टी नेताओं के पुतले फूंके गए और जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ।
कुछ नेताओं पर सीटों को बेचने तक का आरोप लगाया गया। गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, भदोही, बिजनौर, अलीगढ़ सहित कई स्थानों पर दिन भर धरना-प्रदर्शन होते रहे।
लखनऊ में नेताओं का पुतला फूंका गया पर, टिकटों को लेकर नहीं बल्कि कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल को पार्टी में लेने के विरोध में।
मोदी का माहौल हो सकता है खराब
जिस तरह विरोध शुरू हुआ है वह मोदी के पक्ष में बने माहौल पर असर डाल सकता है।
कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कई नेता भी टिकट के बंटवारे को लेकर नाराज हैं, यह बात दीगर है कि अभी वे चुप्पी साधे हैं।
मोदी को छोड़ किसी को लखनऊ से चुनाव लड़ाने के खिलाफ मुखर हुए लालजी टंडन के तेवर भले अब नरम हो गए हैं, लेकिन उन्होंने जो कुछ कहा उससे उनकी नाराजगी साफ झलकती है।
टंडन कहते हैं कि उनकी शक्ति पार्टी के साथ लगेगी। उन्होंने पार्टी को बनाया है। पार्टी तोड़ना उनका नहीं संस्कार नहीं है। यह दूसरों का काम है।
इन्होंने खुलकर जता दिया विरोध
इसके विपरीत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद सरीखे चेहरे खुलकर विरोध में खड़े हो गए हैं।
उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से भी इन्कार नहीं किया है।
हालांकि, देवरिया से मैदान में उतारे गए कलराज मिश्र ने उम्मीद जताई कि 19 व 20 मार्च को उनके देवरिया जाने के बाद स्थिति ठीक हो जाएगी।
मिश्र ने सफाई दी कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से देवरिया से चुनाव लडऩे से मना किया था। पर, उन्हें निर्देश दिया गया कि देवरिया से ही लडऩा है। जौनपुर से दावेदार चिन्मयानंद ने भी नेतृत्व पर हमला बोला है।
जनता से राय लेकर कदम उठाऊंगा
मैं बाहर हूं, मुझे भी ऐसी जानकारी मिली है। टिकट को लेकर जनता अगर ऐसा कुछ करती है तो इसमें मेरा क्या दोष है। जनता अपनी भावनाएं व्यक्त कर रही है। जहां तक चुनाव लड़ने का सवाल है तो मैं जनता से राय लेकर ही कोई कदम उठाऊंगा।
-सूर्य प्रताप शाही, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
पार्टी का यह फैसला आश्चर्य चकित करने वाला है। मैं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करूंगा, जो तय होगा उस पर अमल करूंगा।
-स्वामी चिन्मयानंद, भाजपा नेता
लेकिन, इन्हें मंजूर है पार्टी का फैसला
मैं पहले ही कह चुका हूं कि पार्टी का फैसला मुझे शिरोधार्य है। सौदेबाजी और पार्टी की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ मेरा संस्कार नहीं है। मुझे राज्यसभा या अन्य किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। मैंने पार्टी को बनाया है। उसे तोड़ नहीं सकता।
-लालजी टंडन, सांसद, लखनऊ
मैं पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं। मैने कहीं से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव नहीं दिया था। नेतृत्व ने जब देवरिया से चुनाव लड़ने को कहा। तब भी मैंने कहा कि वहां के स्थानीय नेता भी चुनाव लडऩे में सक्षम हैं। पर, नेतृत्व ने कहा कि देवरिया से ही लडऩा है। मुझे उम्मीद है कि हमारी बात सुनने के बाद कार्यकर्ता पूरी स्थिति समझेंगे।
-कलराज मिश्र, देवरिया से भाजपा प्रत्याशी
यहां फूंका राजनाथ सिंह का पुतला
भाजपा उम्मीदवारों और मनमुताबिक प्रत्याशी नहीं देने के खिलाफ बवाल की शुरुआत देवरिया से हुई।
रविवार की सुबह जैसे ही कलराज मिश्र को प्रत्याशी बनाने की जानकारी हुई तो कई लोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़कों पर आ गए।
कलराज मिश्र सहित कई नेताओं के छह स्थानों पर पुतले फूंके गए। जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर चौराहे पर घोषित प्रत्याशी डा. केपी सिंह और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह का पुतला फूंका गया।
भदोही से वीरेंद्र सिंह मस्त को टिकट दिए जाने के विरोध में भी नेताओं का पुतला फूंका गया।
लीपापोती की कोशिश, पर गुस्सा तो है
अलीगढ़ में सतीश गौतम को टिकट देने के खिलाफ भी प्रदर्शन हुए और पुतले फूंके गए। अन्य कई स्थानों पर भी घोषित प्रत्याशियो के खिलाफ बगावत की खबर है।
मैं पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हूं। पार्टी के निर्देश का पालन करूंगा। पार्टी के फैसले के खिलाफ को कार्य नहीं करूंगा।
-श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी
पार्टी का फैसला चौंकाने वाला है। फिर भी पार्टी का फैसला सर्वमान्य है।
-सीमा द्विवेदी, विधायक, मुंगराबादशाहपुर जौनपुर