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छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना: पहले कक्षा पास करो, फिर होगी शुल्क की भरपाई
Sat, 10 Dec 2022 01:01 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 10 Dec 2022 01:01 PM IST
सार
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूति योजना में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत हर साल 50 लाख से ज्यादा छात्र लाभ लेते हैं। अब इसमें बड़े बदलाव की तैयारी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में घपले रोकने के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है। किसी भी पाठ्यक्रम में पहले परीक्षा पास करनी होगी, तभी उस वर्ष की शुल्क भरपाई की जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण निदेशालय ने शासन को संस्तुति भेज दी है। अंतिम निर्णय शासनस्तर से ही किया जाना है।
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प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के ढाई लाख रुपये तक सालाना आय और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये तक सालाना आय होने पर छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई की सुविधा मिलती है। हर साल सभी वर्गों के 50 लाख से ज्यादा छात्र इस योजना में लाभांवित होते हैं। देखने में आया है कि तमाम छात्र प्रथम वर्ष में दाखिला लेते हैं और सरकार से फीस वापस लेकर अगले साल लापता हो जाते हैं। इनमें से अधिकतर छात्रों के फर्जी होने की आशंका भी जताई गई है।
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प्रदेश के 11 जिलों में 29 शिक्षण संस्थाओं में हाल ही में इसी तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। वर्ष 2017-18 में यहां जितने छात्रों ने दाखिला लिया, योजना का लाभ लेने के बाद अगले साल उनमें से 50 फीसदी या उससे ज्यादा छात्रों ने दाखिला ही नहीं लिया।
इस समस्या से निपटने के लिए शासन को संस्तुति की गई है कि किसी भी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष की शुल्क प्रतिपूर्ति तभी की जाए, जब विद्यार्थी ने परीक्षा पास करके द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले लिया हो। इसी तरह से अगर पाठ्यक्रम तीन वर्ष का हो, तो दूसरे वर्ष की भरपाई तीसरे वर्ष में प्रवेश लेने के बाद ही की जाए। समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि शीघ्र ही इस बाबत निर्णय ले लिया जाएगा।