दूसरी शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का बढ़ेगा इंतजार, बदला जा सकता है परीक्षा पैटर्न
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शासन की ओर से जारी संभावित तिथि के अनुसार टीईटी 2018 का आयोजन तो दिसंबर के पहले हो जाएगा, लेकिन 68500 पदों पर दूसरी शिक्षक भर्ती अटक सकती है। टीईटी 2018 के आयोजन को लेकर शासन और परीक्षा नियामक कार्यालय पूरी तैयारी में है, लेकिन शिक्षक भर्ती को लेकर खामोशी छाई हुई है।
पहली शिक्षक भर्ती के विवादों में फंसने के बाद से शासन स्तर पर भी सतर्कता बढ़ गई है। भर्ती प्रक्रिया के नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों का इंतजार बढ़ सकता है।
सरकार की ओर से समायोजित शिक्षामित्रों के 1.37 लाख पदों के बदले दो चरणों में लिखित रूप में शिक्षक भर्ती कराने की घोषणा की गई थी। इसमें पहले चरण में 68500 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया, जबकि सरकार शेष 68500 पदों को भी दिसंबर से पहले भरने की तैयारी में थी। अब पहली भर्ती ही विवादों में फंस जाने के कारण सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
'दूसरी एजेंसी का चयन कर सकती है सरकार'
सूत्रों की मानें तो सरकार दूसरी शिक्षक भर्ती कराने के लिए नई एजेंसी का चयन भी कर सकती है। लिखित शिक्षक भर्ती के परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया जा सकता है। बता दें कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परिषदीय विद्यालयों के लिए हुई पहली शिक्षक भर्ती परीक्षा लगातार विवादों में रही।
परीक्षा के आयोजन से पहले मानक में बदलाव, परीक्षा परिणाम जारी होने पर 68500 में मात्र 41556 परीक्षार्थियों का सफल होना, मूल्यांकन में गड़बड़ी, हाईकोर्ट में मूल्यांकन के दौरान कॉपी बदलने का खुलासा होना और अंत में सचिव परीक्षा नियामक का निलंबन व शिक्षाधिकारियों के तबादले शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं।