1 अप्रैल से बदल जाएंगे ये सारे नियम, देख लें वर्ना उठाना पड़ेगा नुकसान
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जिससे कैश लिया, वह चुकाएगा पैनल्टी
राजधानी के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उदाहरण देते हैं कि मान लीजिए आपके घर में शादी है और समारोह स्थल तीन लाख रुपये में बुक किया है। यह रकम आप डेढ़ लाख रुपये एडवांस और बाकी रकम फाइनल सैटलमेंट के तौर पर अलग अलग बताकर नहीं चुका सकेंगे। इसे एक ही माना जाएगा। ऐसे नॉन-कैश ट्रांजेक्शन ही करना होगा।
और नहीं माने तो 100 प्रतिशत पेनल्टी
सरकार ने इसके लिए पैनल्टी तय की है, किसी सेवा के लिए दो लाख से ज्यादा का कैश भुगतान होने पर बाकी रकम को काला धन माना जाएगा। आयकर विभाग की जांच में सामने आने पर इस पर 100 प्रतिशत पैनल्टी लगाई जाएगी। यह पैनल्टी वह पक्ष चुकाएगा जिसने पैसा लिया। चाहे वह संस्थान हो या व्यक्ति।
रिटर्न भरने में देरी की तो होगा जुर्माना
आयकर की दर पांच प्रतिशत
नए वित्त वर्ष में सालाना ढाई लाख से पांच लाख रुपये कमाने वालों को पांच प्रतिशत ही आयकर देना होगा। पहले यह 10 प्रतिशत था। सीधे तौर पर आकलन करें तो साढ़े 12 हजार रुपये इस तरह बचाए जा सकते हैं।
लेकिन यह राहत घट जाएगी जब ...
सरकार नए वित्त वर्ष में सालाना साढ़े तीन लाख रुपये तक की आय पर 2,500 रुपये की टैक्स छूट ही देगी। अब तक पांच लाख रुपये सालाना आय पर यह छूट पांच हजार रुपये थी। यानी जो पांच प्रतिशत की राहत आयकर में दी गई है, उसका कुछ हिस्सा साढ़े तीन लाख से पांच लाख रुपये कमाने वालों से यहां वसूल लिया जाएगा ओर राहत घट जाएगी।
रिटर्न भरने में देरी की तो जुर्माना
सरकार ने व्यवस्था कर दी है कि अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरने में नागरिक देरी करते हैं तो इसका उन्हें जुर्माना चुकाना होगा। हालांकि इसमें अभी काफी समय है, इसलिए बहुत चिंता की जरूरत नहीं है, लेकिन सजग रहना होगा।
इसके तहत वित्त वर्ष 2017-18 का टैक्स रिटर्न अगर 31 दिसंबर 2018 तक भरा तो इस पर पांच हजार जुर्माना चुकाना होगा। इसके बाद चुकाया तो जुर्माना 10 हजार हो जाएगा। वहीं पांच लाख तक की आय वाले आयकर दाताओं को कुछ राहत देते हुए उनके लिए यह जुर्माना एक हजार रुपये रखा गया है।
वाहनों का प्रीमियम होगा महंगा
इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डवलपमेंट अथॉरिटी ने एक अप्रैल से कार और बाइक का इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा कर दिया है। अथॉरिटी ने बीमा कंपनियों को छूट दी है कि वह बीमा एजेंटों के कमीशन को बढ़ा सकती है, उनके लिए इनाम की व्यवस्था भी कर सकती है। वहीं प्रीमियम पांच प्रतिशत बढ़ाने की छूट दी गई है।
अधिक कमाने वालों पर 15 फीसदी सरचार्ज
हर साल 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक कमाने वाले लखनऊ के लोग अब अपनी आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज देंगे और एक करोड़ से अधिक आय वाले 15 प्रतिशत सरचार्ज देंगे।
बैंक में रखनी होगी न्यूनतम रकम, वरना लगेगा चार्ज
आपका सेविंग अकाउंट अगर एसबीआई में है तो अलर्ट रहें, एक अप्रैल से उसमें बैंक द्वारा तय की जा रही न्यूनतम राशि रखनी होगी, वरना बैंक आपसे चार्ज वसूलेगा।
शहरों और विभिन्न स्तर के खातों में निर्धारित न्यूनतम राशि (मिनिमम एवरेज बैलेंस - एमएबी) नहीं रखी तो उस पर 100 रुपये पैनल्टी हर महीने ली जाएगी। लखनऊ चूंकि नॉन मेट्रो शहर है, यहां तीन हजार रुपये बचत खाते में रखने होंगे।
इस पर सर्विस टैक्स भी वसूला जाएगा। खास बात यह भी है कि इस तरह के चार्ज बैंक 2012 से पहले भी वसूलते रहे हैं, लेकिन अब इसे कई गुना बढ़ा दिया गया है। इसके लिए आरबीआई ने भी अनुमति दी है। इसके अलावा एचडीएफसी 150 से 350 रुपये तक, आईसीआईसीआई 50 से 350 रुपये वसूलने जा रहा है। साथ में सर्विस टैक्स भी लगेगा।
गृहकर जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट
पहली अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2017-18 में नगर निगम भवन स्वामियों को गृहकर जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट देगा। ये छूट नए वित्तीय वर्ष का गृहकर जमा करने पर मिलेगी। छूट का लाभ जुलाई तक उठाया जा सकता है।
वहीं जिन भवन स्वामियों ने वित्तीय वर्ष 2016-17 का बकाया गृहकर नहीं जमा किया है। उन पर पहली अप्रैल से 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी शुरू हो जाएगा। नगर निगम के कर अधीक्षक राजेश सिंह का कहना है कि जो भवन स्वामी अभी तक अपना गृहकर जमा नहीं कर सकें हैं वह शनिवार को अपना टैक्स जमा कर दें।
दो दिन का मौका है उसके बाद ब्याज लग जाएगा। साथ ही पहली अप्रैल से नगर निगम का प्रचार विभाग पेपर लेस हो जाएगा। नए वित्तीय वर्ष में सारा काम कम्प्यूटराइज्ड होगा। टैक्स जमा करने से लेकर बिल जारी करने का पूरा का कम्प्यूटर के जरिये ही किया जाएगा।
कैश जमा करवाने का भी चार्ज
बैंक आपकी जेब काटने के लिए हर तरह से तैयार बैठे हैं। एक अप्रैल के बाद बैंक के खाताधारक अपने बैंक में जाकर एक महीने में केवल तीन दफा ही पैसों का फ्री लेनदेन कर सकते हैं।
इसके बाद किया तो 50 रुपये से 150 रुपये तक चार्ज देेने होंगे। सबसे बड़ा बैंक एसबीआई तीन से अधिक दफा पैसा जमा करवाने आने वालों से 50 रुपये शुल्क लेगा। इस पर सर्विस टैक्स भी लगेगा।
आॅनलाइन जमा होगा टैक्स
एक ओर सरकार कैशलैस इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बात कर रही तो दूसरी ओर बैंक ऑनलाइन कैश ट्रांसफर पर चार्ज वसूल रहे हैं। इसके तहत दो से 50 रुपये और सर्विस टैक्स लिया जा रहा है।
(कर विश्लेषण : लखनऊ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी अध्यक्ष सीए राजीव शर्मा और सीए शशांक मिश्रा)
कैश काउंटर पर लग जाएंगी स्वाइप मशीनें
गृहकर कैश काउंटर, खजाना, पार्किंग स्टैंड व नो पार्किंग पुलिस बूथ आदि सभी जगहों पर नगर निगम स्वाइप मशीनें लगाने जा रहा है। इसके लिए दो निजी बैंकों से एग्रीमेंट भी हो गया है। कर अधीक्षक का कहना है कि क्लोजिंग का काम होने के बाद तीन-चार अप्रैल को स्वाइप मशीनें लगा दी जाएंगी।
अॅानलाइन जमा होगा हाउस टैक्स
अॅानलाइन हाउस टैैक्स की सुविधा भी अगले महीने शुरू हो जाएगी। साफ्टवेयर तैयार है। टेस्टिंग भी हो गई है। नए वित्तीय वर्ष से अॅानलाइन टैक्स जमा होेने लगेगा। 31 मार्च की क्लोजिंग में तीन-चार दिन लग जाते हैं। उसके बाद डेटा उपलोड कर 11 अप्रैल तक सिस्टम चालू कर दिया जाएगा।