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Lucknow News: संक्रमण से बचने के लिए हर 4-6 घंटे में बदलें पैड
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छात्राओं और महिलाओं के साथ डफरिन की मुख्य अधीक्षक ज्योति मेहरोत्रा और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्
लखनऊ। मासिक धर्म को लेकर शर्म या संकोच नहीं करनी चाहिए। इस पर खुलकर बात करनी चाहिए। इससे जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ना और स्वच्छता अपनाना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। संक्रमण से बचने के लिए हर 4-6 घंटे में पैड बदलें। ये बातें वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल (डफरिन) की मुख्य अधीक्षक ज्योति मेहरोत्रा और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता सक्सेना ने कहीं। मौका था अमर उजाला अपराजिता के तहत जागरूकता कार्यक्रम का।
लाजपतनगर प्राथमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को केदारेश्वर सेवा फाउंडेशन से सहयोग से आयोजन हुआ। विशेषज्ञों ने छात्राओं को शारीरिक बदलावों को सहजता से स्वीकार करने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कई छात्राओं ने मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं साझा कीं और उनका हल जाना। छात्राओं व महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए। केदारेश्वर सेवा फाउंडेशन की अध्यक्ष खुशबू केसरवानी, महिला प्रकोष्ठ संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता, प्रधानाचार्य नसरीन फातिमा व 100 से अधिक महिलाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।
विशेषज्ञों ने दिए जीवन रक्षक सुझाव
- स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता के साथ आयरन युक्त आहार जरूरी।
- गंदे कपड़ों के इस्तेमाल से बचें। हमेशा साफ सूती कपड़े या सैनिटरी पैड का ही इस्तेमाल करें।
- मासिक धर्म में आयरन युक्त भोजन जैसे- पालक, गुड़, चना और फल जरूर लें।
- जननांगों की सफाई के लिए केवल गुनगुने पानी का उपयोग करें। तेज खुशबू वाले साबुन या केमिकल उत्पादों से बचें।
- पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकल सकें और ब्लोटिंग (पेट फूलना) कम हो।
- हल्का व्यायाम करें और टहलें। इससे पीरियड्स का दर्द कम होता है।
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लाजपतनगर प्राथमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को केदारेश्वर सेवा फाउंडेशन से सहयोग से आयोजन हुआ। विशेषज्ञों ने छात्राओं को शारीरिक बदलावों को सहजता से स्वीकार करने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कई छात्राओं ने मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं साझा कीं और उनका हल जाना। छात्राओं व महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए। केदारेश्वर सेवा फाउंडेशन की अध्यक्ष खुशबू केसरवानी, महिला प्रकोष्ठ संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता, प्रधानाचार्य नसरीन फातिमा व 100 से अधिक महिलाएं व छात्राएं मौजूद रहीं।
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विशेषज्ञों ने दिए जीवन रक्षक सुझाव
- स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता के साथ आयरन युक्त आहार जरूरी।
- गंदे कपड़ों के इस्तेमाल से बचें। हमेशा साफ सूती कपड़े या सैनिटरी पैड का ही इस्तेमाल करें।
- मासिक धर्म में आयरन युक्त भोजन जैसे- पालक, गुड़, चना और फल जरूर लें।
- जननांगों की सफाई के लिए केवल गुनगुने पानी का उपयोग करें। तेज खुशबू वाले साबुन या केमिकल उत्पादों से बचें।
- पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकल सकें और ब्लोटिंग (पेट फूलना) कम हो।
- हल्का व्यायाम करें और टहलें। इससे पीरियड्स का दर्द कम होता है।