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साल का पहला चंद्रग्रहण आज, इन चीजों को दान करने से सारे कष्ट हो जाएंगे दूर
Mon, 21 Jan 2019 10:35 AM IST
kapil kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: kapil kumar
Updated Mon, 21 Jan 2019 10:35 AM IST
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चंद्रग्रहण 2019
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आज साल का पहला चंद्रग्रहण है। ज्योतिषियों के अनुसार इसका असर सभी जातकों पर राशि अनुसार अलग-अलग पड़ेगा। वैज्ञानिक इसे सुपर ब्लड वूल्फ मून का नाम दे रहे हैं। ग्रहण के बाद दान का बहुत महत्व है। मान्यता है कि ग्रहण के बाद दान करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ऐसे में जानते हैं ग्रहण के प्रकोप को कम करने के लिए किन चीजों का दान करना चाहिए...
अगर आप काफी समय से संपत्ति संबंधित विवाद में उलझे हुए हैं तो ग्रहण के बाद सबसे पहले स्नान करें और फिर तिल से बनी मिठाईयों का दान करें। इसके लिए आप तिल के लड्डू, तिल गुड़ बर्फी, तिल आटा बर्फी या तिल और मूंगफली की बर्फी का दान कर सकते हैं।
लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से घिरे हैं तो ग्रहण के पश्चात स्नान करें। स्नान के बाद रस वाले मीठे का दान करना चाहिए। आप चाहे तो रसगुल्ले या अंगूरी पेठा का दान कर सकते हैं।
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अगर घर में हमेशा कोई न कोई बीमार रहता है या घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है तो इसके लिए ग्रहण के बाद एक घी से भरे कटोरे में एक चांदी का टुकड़ा डालकर उसमें आपनी छाया देखकर दान कर दें।
चंद्र ग्रहण से अगली सुबह हर किसी को चीटिंयों और मछलियों को भोजन कराना चाहिए। ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
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अगर आप काफी समय से संपत्ति संबंधित विवाद में उलझे हुए हैं तो ग्रहण के बाद सबसे पहले स्नान करें और फिर तिल से बनी मिठाईयों का दान करें। इसके लिए आप तिल के लड्डू, तिल गुड़ बर्फी, तिल आटा बर्फी या तिल और मूंगफली की बर्फी का दान कर सकते हैं।
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लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से घिरे हैं तो ग्रहण के पश्चात स्नान करें। स्नान के बाद रस वाले मीठे का दान करना चाहिए। आप चाहे तो रसगुल्ले या अंगूरी पेठा का दान कर सकते हैं।
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अगर घर में हमेशा कोई न कोई बीमार रहता है या घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है तो इसके लिए ग्रहण के बाद एक घी से भरे कटोरे में एक चांदी का टुकड़ा डालकर उसमें आपनी छाया देखकर दान कर दें।
चंद्र ग्रहण से अगली सुबह हर किसी को चीटिंयों और मछलियों को भोजन कराना चाहिए। ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
करें ये काम, परेशानियां होंगी दूर
फाइल फोटो
मंत्र का जाप करें
मंत्रों का जाप करने के लिए ग्रहण काल सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि ग्रहण काल के समय मंत्रों का जाप करना उत्तम होता है। इस दौरान आप गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं। ऐसा करने से सभी राशि के लोगों के दोष दूर होते हैं। आप इस दौरान हनुमान चालीसा और हनुमान जी के मंत्रोच्चारण भी कर सकते हैं। ऐसा करने से भी विशेष लाभ मिलता है।
योग ध्यान करें
ग्रहण काल के दौरान मेडिटेशन और योग साधना कर सकते हैं। इस समय में जो लोग साधना करते हैं उन्हें विशेष फल प्राप्त होता है।
मंत्रों का जाप करने के लिए ग्रहण काल सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि ग्रहण काल के समय मंत्रों का जाप करना उत्तम होता है। इस दौरान आप गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं। ऐसा करने से सभी राशि के लोगों के दोष दूर होते हैं। आप इस दौरान हनुमान चालीसा और हनुमान जी के मंत्रोच्चारण भी कर सकते हैं। ऐसा करने से भी विशेष लाभ मिलता है।
योग ध्यान करें
ग्रहण काल के दौरान मेडिटेशन और योग साधना कर सकते हैं। इस समय में जो लोग साधना करते हैं उन्हें विशेष फल प्राप्त होता है।
दान करें
फाइल फोटो
वैसे तो ग्रहण के वक्त बाहर निकलना मना होता है, लेकिन इस दौरान दान देने का विशेष महत्व है। आप गुरु, ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान कर सकते हैं। मान्यता है कि ग्रहण के वक्त या बाद में दान करने से सारी परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
पढ़ाई शुरू करने के लिए अच्छा समय
अगर आप अपने बच्चे को पढ़ना, लिखना, चित्रकला, संगीत या कुछ भी शुरू कराना चाहते हैं, तो इसके लिए यह अच्छा समय है। आप इसकी शुरुआत ग्रहण काल में कर सकते हैं।
मौन व्रत करें
ग्रहण काल में बेवजह की वार्तालाप नहीं करनी चाहिए। कोशिश करें इस समय मौन साधना करें। ग्रहण काल के दौरान मौन व्रत करने का विशेष महत्व है।
पढ़ाई शुरू करने के लिए अच्छा समय
अगर आप अपने बच्चे को पढ़ना, लिखना, चित्रकला, संगीत या कुछ भी शुरू कराना चाहते हैं, तो इसके लिए यह अच्छा समय है। आप इसकी शुरुआत ग्रहण काल में कर सकते हैं।
मौन व्रत करें
ग्रहण काल में बेवजह की वार्तालाप नहीं करनी चाहिए। कोशिश करें इस समय मौन साधना करें। ग्रहण काल के दौरान मौन व्रत करने का विशेष महत्व है।
चंद्र ग्रहण कैसे लगता है
फाइल फोटो
जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों एक सीध में आ जाते है तो उस स्थिति में चंद्र ग्रहण लगता है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक का समय आरम्भ हो जाता है। ग्रहण भारत में नहीं होगा इसलिए सूतक का असर भारत में नहीं होगा।
ग्रहण की धार्मिक मान्यता
सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण के बारे में धार्मिक मान्यताएं प्रचलित है जिसके अनुसार जब राहु ग्रह सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है तो उस समय ग्रहण लगता है। कथा अनुसार देवताओं के अमृतपान के समय भेष बदलकर असुर राहु भी अमृतपान करने बैठ गया था।
सूर्य और चंद्रमा ने राहु का उस समय पहचान लिया था और भगवान विष्णु को यह बात बता दी थी। जिसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से राहु का मस्तक धड़ से अलग कर दिया था। जिसका बदला लेने के लिए समय-समय पर राहु सूर्य और चंद्रमा को ग्रसता है जिसे सूर्य ग्रहण या चंद्रग्रहण कहते हैं।
ग्रहण की धार्मिक मान्यता
सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण के बारे में धार्मिक मान्यताएं प्रचलित है जिसके अनुसार जब राहु ग्रह सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है तो उस समय ग्रहण लगता है। कथा अनुसार देवताओं के अमृतपान के समय भेष बदलकर असुर राहु भी अमृतपान करने बैठ गया था।
सूर्य और चंद्रमा ने राहु का उस समय पहचान लिया था और भगवान विष्णु को यह बात बता दी थी। जिसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से राहु का मस्तक धड़ से अलग कर दिया था। जिसका बदला लेने के लिए समय-समय पर राहु सूर्य और चंद्रमा को ग्रसता है जिसे सूर्य ग्रहण या चंद्रग्रहण कहते हैं।