जानें, रेल बजट पर क्या कहते हैं सीएम अखिलेश
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेल बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जरूरतों की अनदेखी की गई है।
भाजपा को लोकसभा में 71 सांसद देने वाले राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।
अखिलेश ने आश्चर्य जताया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और रेल राज्य मंत्री सहित तमाम केंद्रीय मंत्री संसद में यूपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की उपेक्षा से साबित होता है कि यूपी भाजपा की प्राथमिकताओं में नहीं है।
यूपी की जरूरतों पर नहीं दिया गया ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु को पत्र लिखकर राज्य की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को रेल बजट में शामिल करने का अनुरोध किया था, लेकिन इन पर ध्यान नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तात्कालिक जरूरतों को समय से पूरा करने के बजाय रेल बजट में राष्ट्रीय रेल योजना 2030 की बात कही गई है।
रेलवे मंत्रालय अगर सही मायने में बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के प्रति गंभीर होता, तो फौरी तौर पर भी यात्रियों की जरूरतें पूरी करने के लिए कदम उठाता।