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सीबीएसई की चेयरपर्सन ने कहा, वियतनाम व केन्या से भी पिछड़ी है हमारी शिक्षा व्यवस्था

Fri, 23 Nov 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 23 Nov 2018 11:43 AM IST
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CBSE chairperson on our education system
सीबीएसई की चयेरपर्सन अनीता करवाल - फोटो : amar ujala
सीबीएसई की चेयरपर्सन अनीता करवाल ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था वियतनाम व केन्या से भी पिछड़ी है। 2009 में आयोजित प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (पीसा) की बैठक में 74 देशों ने हिस्सा लिया था। पीसा की रैंकिंग में हमारा देश 72वें स्थान पर था जबकि वियतनाम और कीनिया जैसे देश 25 से 30वें स्थान पर थे।
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सीबीएसई स्कूल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। वर्ष 2021 में होने वाली पीसा की रैंकिंग में हमें आगे निकलना है। बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित सहोदय सम्मेलन में देश भर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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बतौर मुख्य अतिथि अनीता करवाल ने कहा कि इस बार से बोर्ड ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव किया है। अब बोर्ड का पूरा जोर शिक्षकों के प्रशिक्षण, उनके पढ़ाने के तरीकों और छात्रों के लर्निंग लेवल पर होगा। हमें अपने पढ़ाने और असेसमेंट के तरीकों में बदलाव लाना है।
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क्लर्क तैयार कर रही है हमारी शिक्षण व्यवस्था
सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने कहा कि हमारी जो वर्तमान शिक्षण व्यवस्था है वह क्लर्क तैयार कर रही है। असल में यह शिक्षण व्यवस्था अंग्रेजों की देन है। उनकी सोच यह थी कि हम पढ़-लिखकर उनके शासन में नौकरी कर सकें। अब बदलाव का समय आ गया है। हमें इससे आगे निकलना होगा।
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