राजा भैया के लिए खास 'जाल' बुन रही CBI!
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कुंडा कांड में क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने के बाद सीबीआई नए सिरे से मामले की जांच कर रही है, वहीं मामले के आरोपी राजा भैया के लिए जाल भी बुना जा रहा है।
क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने के बाद सीबीआई उन बिंदुओं पर फोकस कर रही है, जिनका जवाब एजेंसी अपनी रिपोर्ट में नहीं दे सकी है।
इसके लिए सीबीआई अपनी ही विवेचना की समीक्षा में जुट गई है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठक कर अफसरों ने कोर्ट द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चर्चा की।
इस दौरान विवेचना के तरीके और नए बिंदुओं पर भी विचार हुआ। कोर्ट में कुंडा कांड को लेकर फजीहत के बाद सीबीआई पूरे मामले की विवेचना नए सिरे से करने की तैयारी कर रही है।
पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर उठे सवाल
सीबीआई ने विवेचना और क्लोजर रिपोर्ट की कमियां ढूंढने के लिए गहन समीक्षा की। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर उठी।
सिर्फ रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों कराया गया? घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों को क्यों छोड़ दिया गया? इस सवाल का सीबीआई अफसर कोई ठोस जवाब नहीं तलाश सके।
पुलिसकर्मियों के बयान को लेकर भी कोर्ट की आपत्ति की काट नहीं निकाली जा सकी। नए सिरे से जांच में इन दोनों बिंदुओं पर सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत बताई गई।
दिवंगत सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने जिन बिंदुओं को रखा, सीबीआई ने उन्हें नजरअंदाज क्यों किया? क्या उस पर कोई राजनीतिक दबाव था?
जांच के तरीके पर भी हो रही चर्चा
इसके अलावा जांच का तरीका क्या हो? कौन-कौन से नए बिंदु पर जांच की जा सकती है? इस पर सुझाव मांगे गए। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही नए सिरे से जांच शुरू होगी।
खास बात है कि मामले की जांच के लिए बनाई गई नई टीम में कोई पुराना सदस्य नहीं होगा।
माना जा रहा है कि सीबीआई की पुरानी टीम के सदस्य राजनीतिक दबाव या अन्य किन्हीं कारणों के चलते निष्पक्ष जांच नहीं कर सके थे।
कोर्ट ने सीबीआई की विवेचना में जिन-जिन बिंदुओं पर आपत्ति लगाते हुए क्लोजर रिपोर्ट खारिज की थी, उन सभी की जांच भी नए सिरे से होगी।