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सीबीआई जांच में खुलासा: फर्जी दस्तावेजों व घूसखोरी से हुई सेना में भर्ती, 40 पर केस दर्ज

Thu, 10 May 2018 09:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 10 May 2018 09:11 AM IST
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 cbi investigation reveals bribe was taken in recruitment in army.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

कानपुर छावनी क्षेत्र में 2016 में सेना भर्ती रैली में रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए 34 लोगों की भर्ती की गई थी। नौकरी पाने वालों में 34 में से 30 ने जॉइन किया और अलग-अलग स्थानों पर सेना में प्रशिक्षण भी हासिल कर लिया। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सेना भर्ती कार्यालय में तैनात रहे हवलदार गिरीश एनएच ने बिचौलिए के जरिये रिश्वत लेने की बात कुबूल की है।

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जांच एजेंसी ने घूस देकर नौकरी हासिल करने वाले 34 लोगों के साथ ही सेना के कर्मी गिरीश एनएच हवलदार, पांच बिचौलियों और हमीरपुर के एसडीएम व तहसीलदार के कार्यालय में तैनात रहे अज्ञात कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) में दर्ज एफआईआर के अनुसार कानपुर छावनी क्षेत्र में 3 अगस्त 2016 से 16 अगस्त 2016 के बीच औरैया, बाराबंकी, फतेहपुर, कन्नौज, बांदा, गोंडा और हमीरपुर के युवाओं के लिए सेना भर्ती की रैली हुई थी।
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यह भर्ती शारीरिक जांच, लिखित परीक्षा व स्वास्थ्य परीक्षण के जरिये हुई। इसमें हमीरपुर के 34 ऐसे अभ्यर्थियों को भर्ती कर लिया गया जो अन्य जिलों के रहने वाले थे। इन सभी ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे खुद को हमीरपुर का बताया। ये निवास प्रमाण पत्र हमीरपुर तहसील से उप जिलाधिकारी ने जारी किए थे। इस मामले में सीबीआई ने शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच 12 दिसंबर 2017 को शुरू की थी।

34 नौकरी पाने वालों में हमीरपुर का एक भी नहीं था

 cbi investigation reveals bribe was taken in recruitment in army.
प्रतीकात्मक तस्वीर

कानपुर छावनी क्षेत्र में 2016 में सेना भर्ती रैली में रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए 34 लोगों की भर्ती के मामले में इन सभी के शैक्षिक दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो साफ हो गया कि वे सभी हमीरपुर के नहीं थे। हवलदार गिरीश एनएच व दो बाहरी व्यक्तियों प्रवीण व योगेंद्र के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी सीबीआई के हाथ लगा जिसमें अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत की बात की जा रही है। यह बातचीत यूपी एसटीएफ ने पिछले साल दिसंबर में इंटरसेप्ट की थी। एसटीएफ ने इसका खुलासा करते हुए वाराणसी से कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

कुबूला घूस लेना
सीबीआई ने जांच में पाया कि सेना में नौकरी पाने वाले 30 अभ्यर्थियों ने अनुचित आर्थिक लाभ लिया। जबकि 4 जॉइन नहीं करने वालों ने भी फर्जीवाड़ा किया। हवलदार गिरीश एनएच ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बिचौलिए के जरिए रिश्वत लेने की बात कुबूल की है।

इन्होंने हासिल की थी घूस देकर नौकरी
राहुल कुमार, सलेमपुर, बुलंदशहर
जितेंद्र चौधरी, मांट, मथुरा
राजेश सिंह कुंतल, मगौरा, मथुरा
भूपेंद्र सिंह, खैर, अलीगढ़
कुशींद्र सिंह, जहांगीराबाद, बुलंदशहर
विकास तोमर, बड़ौत, बागपत
पुष्पेंद्र सिंह, टप्पल, अलीगढ़
तेजबीर सिंह, दान सौली, गौतमबुद्धनगर
देवेंद्र कुमार, खैर, अलीगढ़
रोहित कुमार, जहांगीराबाद, बुलंदशहर
सौरभ, शेरगढ़, मथुरा
रवि, शेरगढ़, मथुरा
श्याम पोसवाल, बरसाना, मथुरा
देवेंद्र कुमार, टप्पल, अलीगढ़
देव प्रकाश, मांट मथुरा
राहुल कुमार, टप्पल, अलीगढ़
राहुल चौधरी, बिसावर, हाथरस
राजेश, मांट, मथुरा
वीर सिंह, जहांगीराबाद, बुलंदशहर
शैलेंद्र कुमार, भदौरा, बुलंदशहर
संदीप कुमार, सलेमपुर, बुलंदशहर
पंकज चौहान, खुर्जा देहात, बुलंदशहर
ललित कुमार, महेपा, बुलंदशहर
हरेंद्र सिंह, अहवरनपुर, हाथरस
सुबोध शर्मा, सिकंदराबाद, बुलंदशहर
विनीत, सरैनी, रायबरेली
दीपक तोमर, गभाना, अलीगढ़
सोहित कुमार, जहांगीराबाद, बुलंदशहर
नौकरी पाने वाले ये कहां के अभी पता नहीं
रिंकू कुमार, दिनेश कुमार, पवन कुमार, सोनू कुमार, बिकेश और नीरज कुमार।

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