प्रदीप शुक्ला पर फिर सीबीआई का शिकंजा
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दागी आईएएस अफसर प्रदीप शुक्ला पर सीबीआई का शिकंजा और कस गया है। कई महीनों बाद आखिरकार शुक्ला के खिलाफ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले से जुडे़ एक और मामले में अभियोजन दायर करने की अनुमति मिल गई है।
सीबीआई ने करीब 4 महीने पहले केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को स्वीकृति के लिए पत्र लिखा था। पत्र के साथ जांच एजेंसी ने चार्जशीट के साथ लगाए गए आवश्यक सुबूत और दस्तावेज भी संलग्न किए थे।
कार्मिक विभाग से अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद सीबीआई ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही कोर्ट में केस दाखिल किया जाएगा। चार्जशीट लगाने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति जरूरी थी।
अब जल्द शुरू होगा ट्रायल और गवाही
अब मुकदमे का ट्रायल और गवाही आदि जल्द शुरू हो सकती है। यही नहीं प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर जमानत मिली हुई है।
एनआरएचएम योजना के तहत सूबे के 125 स्कूलों में आरओ वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाने का ठेका प्रदीप शुक्ला के बेहद करीबी शख्स की फर्म को दिया गया था।
करोड़ों के खर्च से होने वाले इस काम में फर्म ने लापरवाही बरती और गिनती की जगहों पर ही प्लांट लगाए। बाकी की रकम बंदरबांट कर ली। सीबीआई जांच में इसका खुलासा होने पर तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला समेत अन्य के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट भी लगाई गई है। बस अभियोजन की अनुमति के लिए नियुक्ति एवं प्रशिक्षण विभाग की हरी झंडी का इंतजार था।