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लखनऊ विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएशन में अब पूरी तरह से लागू होगा सीबीसीएस

Thu, 09 Jan 2020 01:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 01:12 AM IST
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cbcs will apply totally in lucknow university
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परास्नातक में पूरी तरह से लागू होगा सीबीसीएस
मूक्स के साथ ही अन्य विभागों के कोर्स भी ले सकेंगे विद्यार्थी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय मे परास्नातक स्तर पर अब पूरी तरह से ‘चॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ (सीबीसीएस) लागू होगा। विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो.आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में संकायाध्यक्ष तथा विभागाध्यक्षों की बैठक में यह फैसला किया गया। परास्नातक स्तर पर अब सभी विभागों में सीबीसीएस लागू होगा। अभी तक सिर्फ एमबीए और विज्ञान संकाय में ही यह व्यवस्था लागू थी। पूरी तरह से सीबीसीएस लागू होने के बाद परास्नातक विद्यार्थी विकल्प के रूप में अन्य विषयों के साथ ही मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (मूक्स) से भी पढ़ाई कर पाएंगे।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विद्यार्थियों को उनके मुख्य विषय के साथ ही अन्य विषयों का ज्ञान देने की नीयत से सभी विश्वविद्यालयों को सेमेस्टर प्रणाली के और सीबीसीएस लागू करने का निर्देश दिया है। इसमें विद्यार्थियों को अपने विषय से अलग एक वैकल्पिक विषय लेने की सुविधा मिलती है। इस तरह से विज्ञान वर्ग का विद्यार्थी कला और कला वर्ग का विद्यार्थी किसी अन्य वर्ग का विषय भी ले सकता है। विवि ने परास्नातक स्तर पर सीबीसीएस आधा-अधूरा लागू किया गया था। मौजूदा व्यवस्था में विज्ञान संकाय के सभी विभाग ने हर सेमेस्टर में सीबीसीएस के विकल्प के रूप में सिर्फ एक-एक पेपर ही निर्धारित किया है। विद्यार्थी को इन्हीं में से अपना विकल्प चुनना है। इस तरह से विज्ञान वर्ग के स्टूडेंट चॉयस के रूप में सिर्फ विज्ञान संकाय केविषय ही ले सकते हैं। वहीं एमबीए विभाग में विकल्प के रूप में सिर्फ दो पेपर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में दोनों विभाग सिर्फ नाम के लिए ही विकल्प की सुविधा दे रहे हैं। कला, विधि, और शिक्षा संकाय में तो इसकी शुरुआत तक नहीं की गई थी। अब इसे पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। अगले चरण में इसे स्नातक पर भी लागू किया जा सकेगा।
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चार के बजाय पांच यूनिट में होगा सिलेबस
लविवि कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों को उनके यहां का पाठ्यक्रम पांच यूनिट में करने को कहा है। अभी तक सिलेबस चार यूनिट में ही होता था। नये सिलेबस में हर टॉपिक के लिए निर्धारित क्रेडिट, उसके लिए निर्धारित घंटे की पढ़ाई का ब्यौरा भी देना होगा। माना जा रहा है। पूरी तरह से सीबीसीएस लागू होने के बाद विवि प्रशासन उपस्थिति की अनिवार्यता रख सकता है क्योंकि पढ़ाई के घंटे के लिए भी क्रेडिट निर्धारित किये जाते हैं।
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नैक के हिसाब से तैयार होंगे सिलेबस
लखनऊ विश्वविद्यालय ने सीबीसीएस लागू करने के साथ ही नैक की तैयारियों के लिए एक कदम और बढ़ा दिया है। बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां चलने वाले कोर्स तथा प्रोग्राम का आउटकम भी लिखें। इसमें तीन बातें बतानी होंगी। इसमें विभागों को बताना होगा कि उनके यहां के कोर्स का आउटकम क्या है, मतलत उसे पढ़ने के बाद विद्यार्थी क्या सीख सकेगा। इसी तरह प्रोग्राम आउटकम भी बताना होगा। प्रोग्राम स्पेसिफिक आउटकम में बताना होगा कि अन्य संस्थानों में चल रहे उसी तरह के कोर्स से उनका कोर्स किस तरह से अलग है। नैक के प्रोफॉर्मा में भी इसी तरह की सूचना भरनी होती हैं। इसलिए माना जा रहा है सिलेबस में बदलाव के बाद लविवि एक नैक की दिशा मे आगे बढ़ेगा।

विवि मे सिर्फऑनर्स पाठ्यक्रम चलाने की चर्चा
बैठक के दौरान विवि में स्नातक स्तर पर सिर्फ ऑनर्स पाठ्यक्रम संचालित करने पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव दिया गया कि संख्या ज्यादा होने की वजह से विवि और कॉलेजों में एक साथ बदलाव करना संभव नहीं होता है। इसलिए परिसर में सिर्फ ऑनर्स पाठ्यक्रम ही चलाये जाएं। जबकि कॉलेजों में पहले की तरह सामान्य स्नातक पाठ्यक्रम। विवि की परीक्षा भी अलग से कराने का प्रस्ताव भी दिया गया। हालांकि इन प्रस्तावों पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया।
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