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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Caste wise representation in Yogi Cabinet.

यहां देखें, योगी के 56 सदस्यीय मंत्रिमंडल का जातीय गणित, किस जाति को कितना प्रतिनिधित्व

Thu, 22 Aug 2019 04:45 AM IST
ishwar ashish अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 22 Aug 2019 04:45 AM IST
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Caste wise representation in Yogi Cabinet.
शपथ ग्रहण के दौरान विजय कश्यप के साथ योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

लगभग 28 महीने बाद योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये कहीं न कहीं जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के साथ उन्हें संदेश देकर साधे रखने की भी कोशिश की गई है। ब्राह्मण और वैश्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर अगड़ों को महत्व देने का संदेश तो दिया ही गया है, पहली बार गुर्जर, गड़रिया, जाटव और कहार को प्रतिनिधित्व देकर इन जातियों की भी नाराजगी दूर करने का प्रयास हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में गुर्जर और कश्यप समाज के लोग रहते हैं।

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कुर्मी और जाटों के साथ पिछड़ों और अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर भाजपा की चुनावी लड़ाई को 60 बनाम 40 बनाने को ही जमीन पर उतारा गया है। ऑपरेशन क्लीन के चलते विवादों में घिरे चेहरों को किनारे करने की कोशिशों को कुछ हद तक अमली जामा पहनाने के बावजूद ध्यान रखा गया है कि जातीय गणित गड़बड़ाने न पाए।
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विस्तार के बाद 56 सदस्यीय मंत्रिमंडल में अगड़ों और पिछड़ों व अनुसूचित जाति के बीच 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी की रणनीति पर काम किया गया है। अब अगड़ी जातियों के 28 मंत्री हो गए हैं। पिछड़ी जातियों के 19, अनुसूचित जातियों के सात चेहरों के साथ एक सिख तथा एक मुस्लिम चेहरा यानी गैर अगड़े भी कुल 28 चेहरे ही मंत्रिमंडल में हैं।
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अगड़ों में नौ ब्राह्मण, 8 ठाकुर, 5 वैश्य 2 भूमिहार, 3 खत्री और 1 कायस्थ हैं। पिछड़ों में 4 कुर्मी, 3 जाट, 2 लोध, 2 मौर्य तथा गुर्जर, गड़रिया, कहार, निषाद, नोनिया चौहान, सैनी, यादव व राजभर समाज का एक-एक चेहरा है।

अनुसूचित जाति से जीएस धर्मेश को शामिल कर पहली बार जाटव बिरादरी को प्रतिनिधित्व देने के साथ तथा इसी जिले की फतेहपुर सीकरी से विधायक जाट बिरादरी के चौधरी उदयभान को मंत्री बनाकर आगरा और आसपास के जातीय समीकरणों को और मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। कमल रानी वरुण को लेकर पासी समाज की हिस्सेदारी बढ़ाकर भाजपा के परंपरागत मतदाताओं के बीच पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।

नए चेहरों में कोई ठाकुर नहीं, पर दो बने कैबिनेट मंत्री

Caste wise representation in Yogi Cabinet.
रामनरेश अग्निहोत्री व कमलरानी वरुण ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। - फोटो : amar ujala

मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 23 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 18 नए चेहरे हैं। इनमें पांच ब्राह्मण, तीन वैश्य, 7 पिछड़ी जातियों और तीन अनुसूचित जाति से हैं। शेष पांच चेहरों में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्रियों डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, चौधरी भूपेंद्र सिंह और अनिल राजभर को तरक्की देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है। इनमें दो ठाकुर, एक ब्राह्मण, दो पिछड़े (एक जाट व एक राजभर) हैं। नए चेहरों में अगड़ी जातियों में ब्राह्मणों और वैश्यों को तो मौका दिया गया है लेकिन क्षत्रियों के बीच से किसी नए चेहरे को मौका नहीं मिला है। इसकी भरपाई के तौर पर स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और सुरेश राणा को कैबिनेट मंत्री बनाकर ठाकुरों को साधने की कोशिश की गई है।

नए चेहरों में दो कमल रानी वरुण और रामनरेश अग्निहोत्री को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। पांच स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बनाए गए हैं जिनमें एक ब्राह्मण, एक पिछड़ा, दो वैश्य और एक अनुसूचित जाति बेलदार से हैं। इनके अलावा 11 राज्यमंत्री बने हैं। इनमें भी 3 ब्राह्मणों, 6 पिछड़ों, एक वैश्य और एक अनुसूचित जाति के चेहरे को लेकर सामाजिक समीकरण दुरुस्त रखने की कोशिश हुई है।

जातीय गणित एक नजर में

Caste wise representation in Yogi Cabinet.
शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। - फोटो : amar ujala

कुल 56 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित)
अगड़े : 28 (8 ब्राह्मण, 8 ठाकुर, 5 वैश्य, 2 भूमिहार, 3 खत्री, 1 कायस्थ )
पिछड़े : 19 (4 कुर्मी, 3 जाट, 2 लोध, 2 मौर्य 1 गुर्जर, 1 गड़रिया, 1 कहार, 1 निषाद, 1 नोनिया चौहान, 1 सैनी, 1 यादव, 1 राजभर)
अनुसूचित जाति : 7 (2 कोरी, 2 पासी, 1 जाटव,  1 धोबी, 1 बेलदार)
अल्पसंख्यक : 2 (1 मुसलमान, 1 सिख)

इस तरह साधे जातीय समीकरण

Caste wise representation in Yogi Cabinet.

- रीता बहुगुणा जोशी और सत्यदेव पचौरी की जगह कैबिनेट में रामनरेश अग्निहोत्री शामिल। नीलकंठ तिवारी को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया।

- राज्यमंत्री अर्चना पांडेय हटाईं गई। तीन ब्राह्मण राज्यमंत्री बनाए गए। इनमें अनिल शर्मा, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय  और आनंद स्वरूप शुक्ल शामिल।

- राजेश अग्रवाल ने त्यागपत्र दिया। कपिलदेव अग्रवाल स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाए गए। इनके अलावा महेश गुप्ता को राज्यमंत्री बनाया गया।

- स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल बाहर हुईं। रवींद्र जायसवाल स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बनाए गए।

- कैबिनेट मंत्री डॉ. एसपी सिंह बघेल ने सांसद बन जाने के कारण त्यागपत्र दिया। कमल रानी वरुण को कैबिनेट में लाकर अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व बनाए रखा गया।

- कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की बर्खास्तगी हुई। उनकी जगह अनिल राजभर को तरक्की देकर कैबिनेट मंत्री बनाकर राजभर समाज को साधा गया।

- कैबिनेट मंत्री धर्मपाल का त्यागपत्र हुआ। लाखन सिंह राजपूत को राज्यमंत्री के रूप में लाकर लोधों का प्रतिनिधित्व पहले की तरह बनाए रखा गया।

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