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लखनऊ : सेवानिवृत आईएएस अफसर पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज
Thu, 31 Oct 2019 03:59 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 31 Oct 2019 03:59 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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गोमतीनगर थाना में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की तरफ से सेवानिवृत आईएएस अफसर मोहम्मद अब्दुल अलीम खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
शासन के आदेश पर सतर्कता अधिष्ठान ने सेवानिवृत अफसर की संपत्तियों की जांच की थी। इसमें आय व व्यय में काफी अनियमितताएं सामने आईं। अधिष्ठान ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी जिसके बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।
इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि गोमतीनगर के विशालखंड निवासी सेवानिवृत अफसर की संपत्तियों को लेकर की गई शिकायत के बाद शासन ने 19 फरवरी, 2015 को एक निर्धारित अवधि में उनके आय और व्यय की जांच के आदेश दिए थे।
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अधिष्ठान ने जांच की जिसमें आय के सभी ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 1,07,73,357 रुपये अर्जित करने की पुष्टि हुई। हालांकि, इसी अवधि में उन्होंने परिसंपत्तियों के अर्जन व अपने और परिवारीजनों के भरण पोषण पर कुल 1,75,94,366 रुपये खर्च किए। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आय से अधिक रकम के स्रोतों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्होंने कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया न ही स्पष्टीकरण दिया।
उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए अधिष्ठान ने 29 अगस्त, 2019 को शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। शासन के आदेश के बाद अधिष्ठान के इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई। मामले की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान द्वारा ही की जाएगी।
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शासन के आदेश पर सतर्कता अधिष्ठान ने सेवानिवृत अफसर की संपत्तियों की जांच की थी। इसमें आय व व्यय में काफी अनियमितताएं सामने आईं। अधिष्ठान ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी जिसके बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।
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इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि गोमतीनगर के विशालखंड निवासी सेवानिवृत अफसर की संपत्तियों को लेकर की गई शिकायत के बाद शासन ने 19 फरवरी, 2015 को एक निर्धारित अवधि में उनके आय और व्यय की जांच के आदेश दिए थे।
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अधिष्ठान ने जांच की जिसमें आय के सभी ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 1,07,73,357 रुपये अर्जित करने की पुष्टि हुई। हालांकि, इसी अवधि में उन्होंने परिसंपत्तियों के अर्जन व अपने और परिवारीजनों के भरण पोषण पर कुल 1,75,94,366 रुपये खर्च किए। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आय से अधिक रकम के स्रोतों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्होंने कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया न ही स्पष्टीकरण दिया।
उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए अधिष्ठान ने 29 अगस्त, 2019 को शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। शासन के आदेश के बाद अधिष्ठान के इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई। मामले की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान द्वारा ही की जाएगी।