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तिरुपति ज्वैलर्स में लूट का खुलासा, दो गिरफ्तार
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लखनऊ। अलीगंज के तिरुपति ज्वैलर्स में कर्मचारी को गोली मारकर लूटपाट करने की वारदात का क्राइम ब्रांच व पुलिस ने खुलासा कर दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से तिरुपति ज्वैलर्स से लूटे गए गहने के साथ ही पिस्टल, तमंचा व चार कारतूस बरामद हुए हैं। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
अलीगंज के कपूरथला स्थित निखिल अग्रवाल के तिरुपति ज्वैलर्स में आठ दिसंबर को बदमाशों ने कर्मचारी श्रवण को गोली मारकर करीब 40 लाख रुपये के सोने के गहने लूट लिए थे। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, बृहस्पतिवार तड़के दोनों आरोपियों की लोकेशन बंधा रोड हर्षा अस्पताल के पास मिली। संयुक्तटीम ने दो बदमाशों गाजीपुर सेक्टर सी निवासी हर्ष सिंह उर्फ हनी सिंह और गुडंबा कल्याणपुर निवासी रवि कुमार वर्मा को दबोच लिया।
पुलिस ने उनके पास से सराफ की दुकान से लूटी गई सोने की पांच सोने की चेन, दो अंगूठी, दो जोड़ी टॉप्स, एक 32 बोर की पिस्टल और 12 बोर का एक तमंचा बरामद किया। पकड़ा गया लुटेरा हनी सिंह मूल रूप से कानपुर नगर और रवि कुमार शर्मा बिहार का रहने वाला है। इस लूट में शाहजहांपुर निवासी पेशेवर लुटेरा राहुल और उसका एक साथी सौरभ अभी फरार हैं। फरार दोनों बदमाशों ने कुछ समय पहले आशियाना इलाके में एक सर्राफा दुकान में लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था लेकिन उनका नाम सामने नहीं आया था।
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सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, तिरुपति ज्वैलर्स में हुई लूट के बाद इलाके के करीब 77 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई स्थानों पर बदमाशों की तस्वीरें मिली। इसके आधार पर यह पता चला कि लुटेरे किस दिशा में निकले थे। वहीं पुलिस ने बदमाशों की पहचान भी की थी। वारदात के एक दिन बाद लुटेरों की अपाचे बाइक लावारिस हालत में निशातगंज से बरामद की गई थी। बदमाश लगातार लोकेशन बदल रहे थे। यहां तक कि बदमाशों ने मोबाइल का प्रयोग भी बंद कर दिया था। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए बदमाशों के कुछ करीबियों को भी पूछताछ के लिए उठाया था।
2017 में हुई लूट से को सरोकार नहीं
एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक, पकड़े गये लुटेरों से तिरुपति ज्वैलर्स पर 2017 में हुई लूटकांड के बारे में भी पूछताछ की गई। लेकिन सभी ने इनकार किया। पुलिस ने अपने स्तर से पड़ताल भी की लेकिन कोई सरोकार नहीं मिला। लूटकांड का आरोपी सौरभ मूलरूप से हरदोई का रहने वाला है। उस पर वहां से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
हर्ष एक दिन पहले ग्राहक बनकर आया था
एसीपी अलीगंज के मुताबिक, तिरुपति ज्वैलर्स में लूट की योजना वारदात के तीन दिन पहले बनी थी। इस दौरान चारों लुटेरे एक शराब की दुकान पर बैठकर नशा कर रहे थे। ज्वैलर्स को निशाना बनाने के पीछे लुटेरों ने तर्क दिया कि यहां से निकलने के कई रास्ते थे, इसलिए टारगेट किया। हर्ष सिंह उर्फ हनी ने बताया कि वारदात के एक दिन पहले वही ग्राहक बनकर तिरुपति ज्वैलर्स में गया था। उसने ही अपनी सगाई की बात कहकर चेन व अंगूठियां देखी थीं। इस दौरान उसने पूरी दुकान के बारे में जानकारी हासिल की थी। बुधवार को एक अन्य साथी के साथ अंदर गया। फिर दो और साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। भागते समय श्रवण ने पकड़ लिया तो फरार साथी राहुल ने उसे गोली मार दी थी।
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अलीगंज के कपूरथला स्थित निखिल अग्रवाल के तिरुपति ज्वैलर्स में आठ दिसंबर को बदमाशों ने कर्मचारी श्रवण को गोली मारकर करीब 40 लाख रुपये के सोने के गहने लूट लिए थे। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, बृहस्पतिवार तड़के दोनों आरोपियों की लोकेशन बंधा रोड हर्षा अस्पताल के पास मिली। संयुक्तटीम ने दो बदमाशों गाजीपुर सेक्टर सी निवासी हर्ष सिंह उर्फ हनी सिंह और गुडंबा कल्याणपुर निवासी रवि कुमार वर्मा को दबोच लिया।
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पुलिस ने उनके पास से सराफ की दुकान से लूटी गई सोने की पांच सोने की चेन, दो अंगूठी, दो जोड़ी टॉप्स, एक 32 बोर की पिस्टल और 12 बोर का एक तमंचा बरामद किया। पकड़ा गया लुटेरा हनी सिंह मूल रूप से कानपुर नगर और रवि कुमार शर्मा बिहार का रहने वाला है। इस लूट में शाहजहांपुर निवासी पेशेवर लुटेरा राहुल और उसका एक साथी सौरभ अभी फरार हैं। फरार दोनों बदमाशों ने कुछ समय पहले आशियाना इलाके में एक सर्राफा दुकान में लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था लेकिन उनका नाम सामने नहीं आया था।
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सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, तिरुपति ज्वैलर्स में हुई लूट के बाद इलाके के करीब 77 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई स्थानों पर बदमाशों की तस्वीरें मिली। इसके आधार पर यह पता चला कि लुटेरे किस दिशा में निकले थे। वहीं पुलिस ने बदमाशों की पहचान भी की थी। वारदात के एक दिन बाद लुटेरों की अपाचे बाइक लावारिस हालत में निशातगंज से बरामद की गई थी। बदमाश लगातार लोकेशन बदल रहे थे। यहां तक कि बदमाशों ने मोबाइल का प्रयोग भी बंद कर दिया था। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए बदमाशों के कुछ करीबियों को भी पूछताछ के लिए उठाया था।
2017 में हुई लूट से को सरोकार नहीं
एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक, पकड़े गये लुटेरों से तिरुपति ज्वैलर्स पर 2017 में हुई लूटकांड के बारे में भी पूछताछ की गई। लेकिन सभी ने इनकार किया। पुलिस ने अपने स्तर से पड़ताल भी की लेकिन कोई सरोकार नहीं मिला। लूटकांड का आरोपी सौरभ मूलरूप से हरदोई का रहने वाला है। उस पर वहां से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
हर्ष एक दिन पहले ग्राहक बनकर आया था
एसीपी अलीगंज के मुताबिक, तिरुपति ज्वैलर्स में लूट की योजना वारदात के तीन दिन पहले बनी थी। इस दौरान चारों लुटेरे एक शराब की दुकान पर बैठकर नशा कर रहे थे। ज्वैलर्स को निशाना बनाने के पीछे लुटेरों ने तर्क दिया कि यहां से निकलने के कई रास्ते थे, इसलिए टारगेट किया। हर्ष सिंह उर्फ हनी ने बताया कि वारदात के एक दिन पहले वही ग्राहक बनकर तिरुपति ज्वैलर्स में गया था। उसने ही अपनी सगाई की बात कहकर चेन व अंगूठियां देखी थीं। इस दौरान उसने पूरी दुकान के बारे में जानकारी हासिल की थी। बुधवार को एक अन्य साथी के साथ अंदर गया। फिर दो और साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। भागते समय श्रवण ने पकड़ लिया तो फरार साथी राहुल ने उसे गोली मार दी थी।