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सीबीसीआईडी में तैनात पुलिसकर्मी की हत्या में तीन पर केस
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लखनऊ। सीबीसीआईडी में तैनात पुलिसकर्मी धर्मेंद्र मिश्रा का अगस्त साल 2018 में मल्हौर स्टेशन के पास शव मिला था। पुलिस वालों की तरफ से इसको दुर्घटना बताया गया था। इधर धर्मेंद्र मिश्रा की मां सुशील मिश्रा की मां का आरोप है कि धर्मेंद्र को उसकी पत्नी समेत सुसराल वालों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और उसकी हत्या कर शव को रेल ट्रैक पर फेंका गया था। यही नहीं, सुशीला ने विभूतिखंड थाने में ससुर धर्मेंद्र शुक्ला, पत्नी शिल्पी मिश्रा और साले रोहित शुक्ला के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर की जांच करने के बाद शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
विभूतिखंड थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सुशीला मिश्रा कानपुर की रहने वाली हैं। उनकी तहरीर के मुताबिक, पीड़िता का बेटा सीबीसीआईडी लखनऊ में तैनात था। इसीलिए लखनऊ में ही साल 2006 में धर्मेंद्र मिश्रा की शादी गोमतीनगर निवासी शिल्पी से की गई थी। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक था। इसके बाद शिल्पी और शिल्पी के परिवार वाले धर्मेंद्र को दहेज के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे थे। इसको लेकर वह काफी तनाव में रहने लगा था। इस मामले को लेकर धर्मेंद्र ने सुशीला से भी बताया था।
सुशीला का आरोप है कि अगस्त साल 2018 में धर्मेंद्र ने मां को फोन कर बताया था कि शिल्पी व उसके परिवार वाले उसको मार देंगे। इसके बाद सुशीला तुरंत उससे मिलने पुलिस लाइन पहुंच गई। कुछ देर बाद शिल्पी और उसके परिवार वाले आ गए और लड़ने लगे। इसके बाद धर्मेंद्र को लेकर चले गए। फिर धर्मेंद्र का फोन बंद आने लगा। देर रात सुशीला को फोन आया कि धर्मेंद्र का शव रेल ट्रैक पर मिला है। सुशीला का आरोप है कि शव को देखने से पता चलता था कि हत्या को दुर्घटना का रूप दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर पर नामजद केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विभूतिखंड थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सुशीला मिश्रा कानपुर की रहने वाली हैं। उनकी तहरीर के मुताबिक, पीड़िता का बेटा सीबीसीआईडी लखनऊ में तैनात था। इसीलिए लखनऊ में ही साल 2006 में धर्मेंद्र मिश्रा की शादी गोमतीनगर निवासी शिल्पी से की गई थी। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक था। इसके बाद शिल्पी और शिल्पी के परिवार वाले धर्मेंद्र को दहेज के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे थे। इसको लेकर वह काफी तनाव में रहने लगा था। इस मामले को लेकर धर्मेंद्र ने सुशीला से भी बताया था।
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सुशीला का आरोप है कि अगस्त साल 2018 में धर्मेंद्र ने मां को फोन कर बताया था कि शिल्पी व उसके परिवार वाले उसको मार देंगे। इसके बाद सुशीला तुरंत उससे मिलने पुलिस लाइन पहुंच गई। कुछ देर बाद शिल्पी और उसके परिवार वाले आ गए और लड़ने लगे। इसके बाद धर्मेंद्र को लेकर चले गए। फिर धर्मेंद्र का फोन बंद आने लगा। देर रात सुशीला को फोन आया कि धर्मेंद्र का शव रेल ट्रैक पर मिला है। सुशीला का आरोप है कि शव को देखने से पता चलता था कि हत्या को दुर्घटना का रूप दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर पर नामजद केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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