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सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों से वसूली का मामला : प्रदेश सरकार ने वापस लिया वसूली का नोटिस, ट्रिब्यूनल के जरिए नए सिरे से जारी होगी नोटिस

Fri, 18 Feb 2022 08:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 18 Feb 2022 08:43 PM IST
सार

दिसंबर 2019 में प्रदेश के अलग अलग जिलों में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी वसूली नोटिस को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रदेश सरकार ने वापस ले लिया है।

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Case of recovery from anti-CAA protesters: Illegally issued notice back, notice will be issued afresh through tribunal
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिसंबर 2019 में प्रदेश के अलग अलग जिलों में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी वसूली नोटिस को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रदेश सरकार ने वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपर जिलाधिकारी की ओर से जारी वसूली नोटिस को न सिर्फ गैर कानूनी माना था, बल्कि अब तक वसूली गई रकम को भी वापस करने के निर्देश दिए हैं। सरकार कानून के तहत कार्रवाई कर सकती है। यानी सरकार द्वारा बनाए गए कानून के तहत टिब्यूनल के जरिए नोटिस जारी किया जा सकता है।

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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारियों की ओर से भेजी गई 274 नोटिस वापस ले लिया गया है। अब इन मामलों को ट्रिब्यूनल को भेज दिया गया है। उक्त अधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा नए नोटिस जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी सम्पत्ति क्षति वसूली अधिनियम 2020 के अनुसार कार्रवाई की अनुमति दी है। इस अधिनियम के तहत मेरठ, लखनऊ और प्रयागराज में दावा अधिकरणों का गठन किया गया है। 
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वसूली करने वाली सरकार व अफसरों पर हो कार्रवाई : नसीमुद्दीन
कांग्रेस ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ आंदोलन में शामिल आंदोलनकारियों से वसूली का आदेश रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। यूपी कांग्रेस के मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि इस मसले पर योगी सरकार और अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने वाले आंदोलनकारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिद्दीकी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया कि देश संविधान और कानून से चलेगा। योगी सरकार ने बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के सैकड़ों लोगों के खिलाफ वसूली नोटिस जारी कर दी थी। उस समय भी कांग्रेस पार्टी ने इसका जोरदार विरोध किया था। प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी ने सड़क पर उतरकर आवाज उठाई थी, लेकिन प्रदेश सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी थी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश साबित करता है कि योगी सरकार का लोकतंत्र पर कोई विश्वास नहीं है। इस मुद्दे पर तमाम दूसरे विपक्षी दल भी कुछ नहीं बोले।


कांग्रेस के पूर्व विधायक और प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश आजमानी ने कहा कि भाजपा सरकार नियम-कानूनों की परवाह नहीं करती है। सीएए विरोधी आंदोलन में शामिल रहीं कांग्रेस नेता सदफ  जाफर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इस मौके पर मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. पंकज श्रीवास्तव, प्रिंट मीडिया संयोजक अशोक सिंह, प्रवक्ता सचिन रावत भी मौजूद थे।

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