मुनव्वर राना के बेटे पर हमले का मामला : सीसीटीवी में कैद हुए दो हमलावर, शायर ने भी जताई खतरे की आशंका
शायर मुनव्वर राना के बेटे तरबेज राना पर सोमवार की शाम उस समय जानलेवा हमला करके जान से मारने का प्रयास किया गया था, जब वह चार पहिया वाहन से लखनऊ जा रहे थे।
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मशहूर शायर मुनव्वर राना के बेटे तरबेज राना पर हुए जानलेवा हमला करने वाले दो बदमाश सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गमछे से चेहरे ढके दो बदमाश बाइक सवार होकर जाते दिख रहे हैं। फुटेज के जरिए पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, लेकिन उसे अभी सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस ने पूरे घटना का सच जानने के लिए मंगलवार को शायर मुनव्वर राना के भाई एवं सपा नेता राफे राना समेत चार भाइयों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में प्रापर्टी विवाद की बात सामने आई। हालांकि पूछताछ के बाद चारों भाइयों को पुलिस ने घर जाने दिया।
शायर मुनव्वर राना के बेटे तरबेज राना पर सोमवार शाम उस समय जानलेवा हमला करके जान से मारने का प्रयास किया गया था, जब वह लखनऊ जा रहे थे। त्रिपुला स्थित पेट्रोलपंप के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। तरबेज ने चार चाचाओं और एक भतीजे पर प्रापर्टी विवाद में फायरिंग करने का शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। मंगलवार को सीओ सदर महिपाल पाठक, कोतवाल अतुल सिंह ने न सिर्फ घटना की जांच, बल्कि घटनास्थल से दुबारा साक्ष्य जुटाए। पेट्रोलपंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे से निकलवाई गई फुटेज में दो बदमाश बाइक से जाते हुए दिख रहे हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना के दौरान तीन-चार राउंड फायरिंग की गई थी। इस सिलसिले में पुलिस ने मंगलवार को शायर मुुनव्वर राना के भाई राफे राना, इस्माल राना, शकील राना समेत चार भाइयों पांच घंटे तक पूछताछ करके पूरे प्रकरण का सच जानने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि पूछताछ में चारों भाइयों ने प्रापर्टी विवाद होने की बात तो बताई, लेकिन भतीजे तरबेज राना पर जानलेवा हमला कराने की बात से इंकार किया है।
हमले में शामिल बाइक पर नहीं लिखे थे नंबर
शायर मुनव्वर राना के बेटे पर जिस बाइक पर सवार होकर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया, उस बाइक पर नंबर ही नहीं लिखे थे। सीसीटीवी फुटेज में बाइक के पीछे वाले हिस्से पर नंबर नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में पुलिस को बदमाशों तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस का मानना है कि यदि बाइक पर नंबर लिखा होता तो बदमाश जल्द पकड़ लिए जाते।
एसओजी टीम भी लगाई गई
शायर मुनव्वर राना के बेटे पर हमला करने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा एसओजी टीम को भी लगा दिया गया है। कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस उन लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही है, जिनके घटना के दौरान मौजूद होने की आशंका है।
साढ़े चार बीघा जमीन बनी भाइयों के बीच रार की वजह
शायर मुनव्वर राना और उनके भाइयों के बीच साढ़े चार बीघा जमीन रार की वजह बताई जा रही है। सदर कोतवाल अतुल सिंह के मुताबिक पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसके मुताबिक रायबरेली-लालगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहर से कुछ दूरी राजघाट के पास साढ़े आठ बीघा बेशकीमती जमीन है। राफे राना और इस्माइल राना ने बताया कि साढ़े चार बीघा जमीन हम दोनों भाइयों के नाम थी, जबकि साढ़े चार बीघा छह भाइयों के नाम थी। गलत वरासत की वजह से पूरी जमीन सभी भाइयों के नाम पर दर्ज हो गई थी। घटना के वादी तरबेज राना ने हम लोगों की साढ़े चार बीघे वाली 18 बिस्वा जमीन को जब्बार नामक व्यक्ति को बैनामा करा दिया। इस बात की जानकारी हुई तो हम लोगों ने दाखिल खारिज पर रोक लगाई। इसी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि बैनामा कराई गई जमीन करीब 85 लाख रुपये में बेची गई।
बेटे के साथ हमें भी दी जा रही थी जान से मारने की धमकी : मुनव्वर
बेटे तरबेज राना पर हुए जानलेवा हमले के बाद सोमवार देर रात शायर मुनव्वर राना यहां पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि भाइयों के साथ उनके भतीजे उन्हें भी जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वह सब कह रहे थे कि रायबरेली में दिखाई मत पड़ना। यही सब बाहर से लड़के और असलहे मंगवाए थे। कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। मामले में सख्त एक्शन नहीं लिया गया तो किसी की जान चली जाएगी। मैं तो यही कहूंगा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।