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30 करोड़ का फर्जीवाड़ा: एक्सिस बैंक के सीईओ समेत तीन पर केस दर्ज, फर्जी हस्ताक्षर कर लिया था कर्ज

Sat, 13 Jul 2024 05:30 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 13 Jul 2024 05:30 PM IST
सार

दिल्ली की कंस्ट्रक्शन कंपनी विजय इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर ने धोखीधड़ी की शिकायत की जिस पर केस दर्ज कर लिया गया है। 

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Case filed in 30 crore rupees fraud in Gomati Nagar Lucknow.
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली की कंस्ट्रक्शन कंपनी विजय इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (वीआईएल) के पूर्व डायरेक्टर ने एक्सिस बैंक के सीईओ/एमडी, क्रेडिट ऑफिसर और कंपनी के वर्तमान डायरेक्टर पर गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि आरोपियों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर 30 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। पुलिस ने केस की विवेचना शुरू की है। दिए गए दस्तावेजों का पुलिस सत्यापन कर रही है।

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विशालखंड निवासी शिवसेवक सिंह के मुताबिक वीआईएल के निदेशक नौशाद अहमद ने 1997 में उनके साथ मिलकर विजय एक्सप्रेसवे इंजीनियर्स प्रा.लि. कंपनी बनाई थी। कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में था। वर्ष 2006 में कंपनी का नाम बदलकर मेसर्स इंफ्रास्ट्रक्चर लि. कर दिया गया। वर्ष 2011 में कंपनी का फिर से नाम बदलकर वीआईएल प्रा.लि. कर दिया। कंपनी में शिव सेवक और नौशाद दोनों डायरेक्टर थे।
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विवाद के बाद छोड़ दिया था डायरेक्टर का पद
शिवसेवक सिंह के मुताबिक एक्सिस बैंक की नई दिल्ली शाखा से कंपनी के नाम पर 30 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। इसमें पांच करोड़ कैश क्रेडिट और 25 करोड़ बैंक गारंटी के रूप में स्वीकृत हुआ। उन्होंने लोन में व्यक्तिगत गारंटी ली थी। कुछ समय बाद नौशाद से उनका विवाद हो गया तो उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।

पुलिस कर रही दस्तावेजों का सत्यापन
शिवसेवक के मुताबिक इस्तीफा देने के बाद कर्ज के नवीनीकरण में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। कर्ज की 30 करोड़ रुपये की रकम भी निकाल ली गई। आरोप है कि इसमें नौशाद, बैंक के सीईओ/एमडी अमिताभ चौधरी व बैंक के क्रेडिट अफसर अमित गर्ग ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया। उनका कहना है कि जिन दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं, उन पर बैंक के इन दोनों अफसरों के सही हस्ताक्षर हैं। गोमतीनगर इंस्पेक्टर दीपक पांडेय ने बताया कि वादी ने केस से संबंधित कई दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उनका सत्यापन किया जा रहा है। साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल पहले भी दर्ज हुई थी एफआईआर
शिवसेवक के मुताबिक वर्ष 2021 में आरोपी नौशाद अहमद और एक अन्य बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों पर हजरतगंज थाने में भी धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई थी। वह मामला भी इसी तरह के कर्ज के फर्जीवाड़े का था। उनका आरोप है कि दो अन्य निजी बैंकों से नौशाद ने बड़ा कर्ज लिया। जिसमें फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

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