नागरिकता कानूनः विरोध प्रदर्शन में शामिल मुनव्वर राना की बेटी सहित 150 पर केस दर्ज
सीएए-एनआरसी के विरोध में लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना समेत 150 महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ ठाकुरगंज कोतवाली में केस दर्ज हुआ है। इस मामले में एडीसीपी पश्चिम ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर हेरिटेज जोन को क्षति पहुंचाने के साथ सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर सामाजिक विद्वेष फैलाने समेत अन्य गंभीर आरोप हैं।
पुलिस ने आइसा के कार्यकर्ता व नाका के गुरु गोविंद सिंह मार्ग निवासी नितिन राज और ठाकुरगंज के प्रेम बरौरा हुसैन बाड़ी बालागंज निवासी एबाद अहमद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि घंटाघर पर प्रदर्शन के 60 दिन पूरे होने पर सोमवार को महिलाओं ने सोशल मीडिया के जरिये भीड़ जुटाने का आह्वान किया था। साथ ही महिलाओं द्वारा उत्तेजक व उग्र प्रदर्शन किया गया। धरने में आए लोगों ने अपने वाहनो को सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया।
पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की शुरू कर दी। उत्तेजक व भड़काऊ नारे लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। धारा 144 लागू होने के बाद भी भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने पर कैसरबाग के सिल्वर हाईट अपार्टमेंट में रहने वाली मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना समेत 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ इंस्पेक्टर की ओर से केस दर्ज कराया गया है।
जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनके नाम हैं।
नितिन राज, खदरा की यामीन, बाजारखाला के तकियाजंग का आसिफ खान, पीजीआई स्थित गैलेक्सी सिटी निवासपूजा शुक्ला, ठाकुरगंज के अहमदगंज की रुखसाना व उसके पति जियाउद्दीन, शिवपुरी हुसैनाबाद की नसरीन, राजाजीपुरम के आलमनगर की सबी फातिमा, रेहाना, रानी, हुसैनाबाद की जीनत कौशल, रऊफ, बाजारखाला के कटरा खुदायार खान निवासी उजमा परवीन, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल हसन, फरीदीपुर के मो. वसी, पीर बुखारा निवासी सुनील बेग, यासीनगंज के फैय्याज अहमद, खदरा के मदेयगंज की आसफिया खातून उर्फ सलमा, डालीगंज की रेशमा और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इससे पहले धरनास्थल से पुलिस ने एबाद अहमद और नितिन राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एडीसीपी ने बताया कि महिलाओं के साथ प्रदर्शन में अक्सर पुरुष भी शामिल होते है और पुलिस-प्रशासन व सरकार के खिलाफ उत्तेजक नारेबाजी करते हैं, जिससे सामाजिक विद्वेष पैदा हो रहा है।
घंटाघर व आस-पास कई पर्यटन व धार्मिक स्थल हैं, जहां देश-विदेश के लोग घूमने आते हैं। प्रदर्शनकारी विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार करते हैं। इनसे मारपीट व लूटपाट की भी कई शिकायते की गई हैं, जिनको लेकर मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं।पुलिस ने अवैध रूप से धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को नोटिस देकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिसकर्मियों पर ही दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठें आरोप लगा रहे हैं।यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर की सीढ़ियों पर कब्जा कर दीवारों पर कील ठोंककर पोस्टर-बैनर लगा ऐतिहासिक भवन को क्षतिग्रस्त किया है।
जमानत पर छूटे दंगा आरोपियों संविधान सेनानी बता सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
14 मार्च को हजरतगंज पुलिस ने परिवर्तन चौक पर हुई हिंसा के आरोप में एबाद अहमद और अब्दुल हफीज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जो हाल ही में जमानत पर जेल से छूट कर आए थे। प्रदर्शनकारी महिलाओं नें दोनों को संविधान सेनानी बताकर सम्मानित करने का आह्वान किया था। दोनों दंगा आरोपियों को घंटाघर पर बुलाकर सम्मानित करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाली थी।