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डॉक्टर ने ठगे लाखों रुपये, वापस मांगे तो दी एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 15 Sep 2018 03:14 PM IST
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लखनऊ के विकासनगर में जमीन बेचने के नाम पर 17 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए माल के जिंदाना निवासी विजेंद्र सिंह उर्फ श्याम सुंदर सिंह ने डॉ. विजय कुमार वर्मा और उनकी पत्नी पूर्णिमा के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पीड़ित का कहना है कि रुपया वापस मांगने पर डॉक्टर ने उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सोनकर ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने की बात कही है।
पीड़ित विजेंद्र सिंह ने बताया कि जानकीपुरम सेक्टर आई एमआईजी निवासी डॉ. विजय कुमार वर्मा ने पत्नी के नाम से सीतापुर के मिश्रिख में 33 बीघा कृषि योग्य भूमि बेचने के लिए संपर्क किया था।
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उन्होंने डॉक्टर को पूरी रकम का भुगतान कर दिया तो पता चला कि उक्त जमीन पर आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज लिया गया है। जमीन को कर्जमुक्त कराने की बात कहने पर डॉक्टर अतिरिक्त रुपयों की मांग करने लगे। किसी तरह से मामला ठीक करके 30 जुलाई 2018 को रजिस्ट्री के कागजात तैयार किए गए तो डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए।
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पीड़ित का कहना है कि रुपया वापस मांगने पर डॉक्टर ने उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सोनकर ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने की बात कही है।
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पीड़ित विजेंद्र सिंह ने बताया कि जानकीपुरम सेक्टर आई एमआईजी निवासी डॉ. विजय कुमार वर्मा ने पत्नी के नाम से सीतापुर के मिश्रिख में 33 बीघा कृषि योग्य भूमि बेचने के लिए संपर्क किया था।
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उन्होंने डॉक्टर को पूरी रकम का भुगतान कर दिया तो पता चला कि उक्त जमीन पर आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज लिया गया है। जमीन को कर्जमुक्त कराने की बात कहने पर डॉक्टर अतिरिक्त रुपयों की मांग करने लगे। किसी तरह से मामला ठीक करके 30 जुलाई 2018 को रजिस्ट्री के कागजात तैयार किए गए तो डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए।
कराई रिपोर्ट दर्ज
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उन्होंने जमीन के बदले और रुपया मांगा व रजिस्ट्री से इनकार कर दिया। विजेंद्र ने रुपये वापस मांगे तो डॉक्टर ने 1.70 लाख व 13.70 लाख रुपये के दो चेक दिए। हालांकि, तीन दिन बाद ही उन्होंने 1.70 लाख रुपये का चेक वापस लेते हुए शेष राशि नकद देने का आश्वासन दिया।
इस बीच विजेंद्र ने 10 अगस्त को दूसरा चेक खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। रुपये के लिए टोकने पर डॉ. विजय और उनकी पत्नी जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट और छेड़छाड़ के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। इसके बाद विजेंद्र ने प्राथमिकी दर्ज कराई।
इस बीच विजेंद्र ने 10 अगस्त को दूसरा चेक खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। रुपये के लिए टोकने पर डॉ. विजय और उनकी पत्नी जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट और छेड़छाड़ के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। इसके बाद विजेंद्र ने प्राथमिकी दर्ज कराई।