CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं 130 महिलाओं पर केस दर्ज, पुलिस ने नहीं बताए उनके नाम
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सीएए व एनआरसी के खिलाफ राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में तीन दिनों से प्रदर्शन कर रही 130 महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गोमती नगर पुलिस ने महिला सब इंस्पेक्टर हुसैन अब्बास की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
इनमें 5 महिलाओं को नामजद किया गया है। इन सभी पर सार्वजनिक स्थल पर जमा होकर प्रदर्शन करने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी वायरल करने, धारा 144 का उल्लंघन व बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि नामजद महिलाओं के नाम बताने से पुलिस ने इनकार किया है।
वहीं, सीएए व एनआरसी के विरोध में घंटाघर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में गुरुवार को एकता व भाईचारे का रंग और चटख हो गया। यहां सिख समुदाय के लोगों ने भी पहुंच कर विरोध जताया और संविधान रक्षा के लिए अरदास की। सिख समुदाय के प्रतपाल सिंह, ज्ञानी जोगेंदर सिंह, भाई वीर सिंह, इंदरपाल सिंह, वीएम सिंह, जसप्रीत कौर, सरबजीत कौर ने कहा कि संविधान बचाने के लिए सभी हिंदुस्तानियों को सड़क पर उतरना चाहिए। प्रदर्शकारियों ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई और केक काटा। शायरों ने महफिल सजाकर देशभक्ति के तराने गाए। उधर गोमतीनगर में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
120 मीटर लंबे बैनर पर पैरों की छाप बनाकर जताया विरोध
अरीशा सादिक, खतीजा और अकबर सादिक ने 120 मीटर लंबे बैनर पर कदमों के निशान बनाकर उस पर नो सीएए, बायकाट एनआरसी लिख विरोध दर्ज कराया। नौवीं कक्षा से लेकर स्नातक तक की छात्राओं की मेहनत से बना बैनर प्रदर्शन स्थल पर लगाया गया है।
हमारा खून निचोड़ोगे तो हिंदुस्तान निकलेगा...
महिलाओं को समर्थन देने पहुंचे शायरों ने घंटाघर पर मुशायरे की महफिल सजाई। शायर जौहर कानपुरी ने पढ़ा- हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक हुए, नफरत करने वालों की अब खैर नहीं। चरण सिंह बशर ने पढ़ा- मोहब्बत में जब चाहो हमारी जान ले लो तुम, मगर इतना बता दे हम अबाबीलों का लश्कर हैं। नसीम निकहत ने कहा- जुल्म से ये बगावत का आगाज है, अब तेरे सामने हक की आवाज है। मौलाना मो. अहमद ने पढ़ा-कहीं मिस्वाक, कहीं टोपी तो कहीं कुरान निकलेगा, हमारा खून निचोड़ोगे तो हिंदुस्तान निकलेगा।
तश्ना आजमी ने पढ़ा- जुल्म-ए-बेहद से भी उनकी यारों घबराना नहीं, न रवा है वक्त लेकिन घुट के मर जाना नहीं। इस मौके पर शबीना अदीब, हसन काजमी, डॉ. हमजा बिलाल ने अपना कलाम पेश किया। साझी दुनिया के कुलदीप चौहान, अंकिता मिश्रा, तस्नीम फातिमा, शाहवेज वारिस ने भी क्रांतिकारी गीतों से समां बांधा। साझी दुनिया की अध्यक्ष डॉ. रूप रेखा वर्मा, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर, मधु गर्ग, नाईश हसन, वंदना राय, प्रो. रमेश दीक्षित, श्रमयोगी आदियोग, मो. शोएब एडवोकेट, पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी, सदफ जाफर, पूजा शुक्ला, सुमैया राना, रणभीर सिंह सुमन आदि भी समर्थन देने पहुंचे।
मौलाना कल्बे सादिक का समर्थन, बेटे को भेजा
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया और घंटाघर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन देते हुए कामयाबी की दुआ की। मौलाना कल्बे सादिक के बेटे मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने घंटाघर पहुंच कहा कि देश महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के संविधान पर चलेगा। उधर, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति एडवा ने प्रदर्शकारी महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी के बयान की निंदा की।
गोमतीनगर में 130 प्रदर्शनकारियों पर केस
घंटाघर की तर्ज पर सीएए व एनआरसी के खिलाफ गोमतीनगर के गंज शहीदां कब्रिस्तान में चल रहे विरोध प्रदर्शन में गोमती नगर पुलिस ने पांच नामजद और 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सार्वजनिक स्थल पर जमा होकर प्रदर्शन, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी व धारा 144 का उल्लंघन व बलवा के आरोप में कार्रवाई की है।
गोमतीनगर में भी जुटे सामाजिक कार्यकर्ता
गोमतीनगर उजरियांव के गंज शहीदा कब्रिस्तान के निकट दरगाह परिसर में विरोध कर रहीं मैग्सेसे विजेता संदीप पांडेय व सामाजिक कार्यकर्ता वीना राना ने भी गोमतीनगर पहुंच महिलाओं का हौसला बढ़ाया।
खुद संभाल रखी सफाई की जिम्मेदारी
घंटाघर पर प्रदर्शन कर रही महिलाएं व छात्राएं यहां खुद साफ सफाई की जिम्मेदारी निभा रही हैं। छात्राएं दिन भर प्रदर्शन स्थल से कागज आदि बीनने का काम कर रही हैं। प्रदर्शन में पहुंचीं सिख समुदाय की जसप्रीत व सरबजीत कौर ने भी सफाई में हाथ बटाया।