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रिटायर्ड फौजी के एनकाउंटर में दो पूर्व एसओ समेत 12 पुलिसकर्मियों पर केस

Fri, 17 Aug 2018 02:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 17 Aug 2018 02:12 PM IST
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case file against 12 policemen in lucknow
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काकोरी में दस साल पहले रिटायर्ड फौजी जागेश्वर के एनकाउंटर के मामले में आखिर सरोजनीनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष साधूराम व मानकनगर के पूर्व थानाध्यक्ष आलम अंसारी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। रिटायर्ड फौजी की पत्नी मंजू देवी ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर पुलिसकर्मियों पर पति की हत्या का आरोप लगाया था। इस पर कोर्ट ने बृहस्पतिवार को मामला दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए।
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प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि सरोजनीनगर के मीरानपुर पिनवर (दरोगाखेड़ा) में रहने वाले रिटायर्ड फौजी जागेश्वर 14 अक्तूबर 2008 को काकोरी के भगवतखेड़ा गांव निवासी मौसेरी साली किरन के घर गए थे। सुबह करीब पांच बजे सरोजनीनगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष साधूराम के साथ कृष्णानगर, मानकनगर व क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंच गई। 
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मंजू देवी का आरोप है कि पुलिस ने चचेरी बहन के घर को घेरकर पति को बाहर बुलाया। वह जैसे ही बाहर आए, पुलिस ने उन पर गोलियां चला दीं। घर की देहरी पर ही उनकी मौत हो गई। उनका कहना है कि पति के खिलाफ कुछ लोगों ने फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए थे। एनकाउंटर से चार दिन पहले यानी 10 अक्तूबर 2008 को बेहसा गांव में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर देवेश की हत्या हो गई थी। 
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पुलिस ने देवेश की हत्या के मामले में भी पति को गलत तरीके से नामजद किया था। उन्होंने एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस, मुख्य सचिव गृह, डीजीपी और एसएसपी को टेलीग्राम भेजकर सूचना दी थी, लेकिन प्राथमिकी हुई न ही कोई जांच। इसके बाद मंजू देवी ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया।

शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के साथ काम करते थे रिटायर्ड फौजी

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यूपी पुलिस
मंजू देवी ने बताया कि वह शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के साथ काम करते थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पुराना ट्रक खरीदा। उससे ही परिवारीजनों का जीवन यापन होता था। 

प्रमोशन के लालच में मारा, डंडे में टांगकर धान के खेत में लिटाया
मंजू देवी का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने प्रमोशन और आर्थिक लाभ के लिए उनके पति की हत्या की थी। उन्हें गोली मारने के बाद दो डंडों के बीच में टांगकर कुछ दूर स्थित धान के खेत में लिटा दिया। फर्जी एनकाउंटर दिखाने के लिए पुलिसकर्मियों ने धान की फसल रौंद दी। मंजू देवी ने कोर्ट में दायर वाद में कहा है कि उनके पति नेकर-बनियान पहने हुए मौसेरी बहन के घर पर सो रहे थे। उनके पास कोई असलहा भी नहीं था। 

इन पुलिसकर्मियों पर लिखा हत्या का मुकदमा
सरोजनीनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष साधूराम, मानकनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष आलम अंसारी, कृष्णानगर थाना के दरोगा अमित तोमर, दरोगा सचिन कुमार, एचसीपी हारुन निशाका, कांस्टेबल अशोक कुमार, जितेंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच के दरोगा केपी सिंह, कांस्टेबल सुनील बिश्नोई, शिवसागर तिवारी, कमलेश बहादुर सिंह और कांस्टेबल हरिशचंद्र।
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