{"_id":"5cf95dd4bdec22078148a6c2","slug":"case-against-corrupt-and-clumsy-31-electricity-workers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्ट और लापरवाह 31 बिजली कार्मिकों के खिलाफ चलेगा मुकदमा, अभियोजन को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्ट और लापरवाह 31 बिजली कार्मिकों के खिलाफ चलेगा मुकदमा, अभियोजन को मंजूरी
Fri, 07 Jun 2019 12:09 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 07 Jun 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने 31 कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी है। इन कार्मिकों के खिलाफ उपभोक्ताओं के उत्पीड़न व भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच लंबित है। प्रबंधन ने ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जांच को जानबूझ कर दबाने या सतर्कता जांच को लटकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इन कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी है। वे गुरुवार को विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार विभाग में चल रही जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करके दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन ने करंट से मौत, बिलों में हेराफेरी, आय से अधिक संपत्ति, घूस लेने, सामानों का ब्योरा गलत दर्ज करना, बिजली चोरी कराना और लापरवाही बरतने में दोषी पाए गए इन कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव ने कहा ऊर्जा मंत्री के निर्देश हैं कि विभागीय कार्य में पारदर्शिता व उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हर हाल में हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इन कार्मिकों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी है। वे गुरुवार को विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार विभाग में चल रही जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करके दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन ने करंट से मौत, बिलों में हेराफेरी, आय से अधिक संपत्ति, घूस लेने, सामानों का ब्योरा गलत दर्ज करना, बिजली चोरी कराना और लापरवाही बरतने में दोषी पाए गए इन कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव ने कहा ऊर्जा मंत्री के निर्देश हैं कि विभागीय कार्य में पारदर्शिता व उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हर हाल में हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनके खिलाफ दी गई अभियोजन को मंजूरी
- विद्युत दुर्घटना : सहायक अभियंता विवेक कुमार, शशिवेंद्र एवं अवर अभियंता संजय कुमार गुप्ता, अखिलेश चंद्र त्रिपाठी, सत्य प्रकाश यादव और प्रदीप राय।
- घूसखोरी : सहायक अभियंता रमेश चंद्र एवं अवर अभियंता रोहताश प्रसाद, योगेश कुमार, बृजेश कुमार, रामकृत वर्मा, अरविंद कुमार, अमित कुमार, राकेश कुमार यादव, विजय प्रताप सिंह, सुभाष कश्यप और स्टेनो कम टेंडर लिपिक विजय कुमार श्रीवास्तव।
- सामग्री की त्रुटिपूर्ण इंट्री : अधीक्षण अभियंता गुरुदेव सिंह, अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार जैन, सहायक अभियंता रघुनंदन लाल व उप मुख्य लेखाधिकारी उपेंद्र कुमार सिंह।
- बिलिंग में हेराफेरी : सहायक अभियंता आफताब अहमद।
- बिजली चोरी : सहायक अभियंता अजय शर्मा।
- राजस्व हानि एवं लापरवाही : अधिशासी अभियंता लल्लन राम,, राकेश कुमार गुप्ता, लिपिक शफातउल्ला खान, अवर अभियंता दिनेश कुमार और राजेंद्र अवस्थी।
- आय से अधिक संपत्ति : अधीक्षण अभियंता मनमोहन सरन, अधिशासी अभियंता रिशिपाल सिंह व अवर अभियंता दीपेश सक्सेना।