लापरवाही की हदः डैशबोर्ड पर पैर फैलाकर 90 की स्पीड से भगाता रहा जनरथ बस
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आए दिन होने वाले हादसों से भी बस चालक और कंडक्टर सबक नहीं ले रहे हैं। उनकी लापरवाही के चलते यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। चालक, कंडक्टर की ऐसी ही करतूत एक यात्री के वीडियो से सामने आई है। इसमें जनरथ का चालक एक पैर डैशबोर्ड पर रखकर 90 की गति से बस दौड़ाता दिख रहा है। खास बात यह है कि यात्रियों के आपत्ति जताने पर भी वह मनमानी करता रहा।
लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो की जनरथ बस (यूपी 33 एटी 5855) मंगलवार सुबह आलमबाग से चित्रकूटधाम कर्वी के लिए सुबह 7:30 बजे रवाना हुई। सुबह 11 बजे यह फतेहपुर से बांदा रूट पर पहुंची तो चालक ने मनमानी शुरू कर दी। उसने बायां पैर क्लिच से हटाकर डैशबोर्ड पर रख लिया और 90 की स्पीड से बस दौड़ाने लगा।
एक नंबर सीट पर बैठे यात्री ने उसकी इस करतूत का वीडियो बना लिया। यात्री के मुताबिक फतेहपुर से बांदा (75 किमी) पहुंचने में अमूमन डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगता है, लेकिन इस चालक ने 80 मिनट में ही दूरी तय कर ली। इस दौरान स्पीड कम न करनी पड़े, इसके लिए वह लगातार प्रेशर हार्न भी बजाता रहा।
परिचालक रहा बेबस
चालक के पैर डैशबोर्ड पर रखकर बस दौड़ाते देख यात्री भी सहम गए। उन्होंने परिचालक से इसकी शिकायत की। हालांकि, वह बेबस नजर आया। उसने जवाब दिया कि चालक उसकी नहीं सुनेगा। इस पर लोगों ने चालक से भी आपत्ति जताई, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ और वह मनमानी करता रहा।
सीमा 80 की, बस 90 की स्पीड में दौड़ाई
परिवहन निगम का दावा कि जनरथ बस में कंपनी से ही स्पीड गवर्नर फिट होकर आया है। अब जनरथ बस 80 किमी से अधिक गति से नहीं दौड़ सकती है, पर चालक 90 किमी की गति से इस बस को भगाता रहा।
नहीं पढ़ रहे सुरक्षा का पाठ
जांच कराकर ड्राइवर पर होगी कार्रवाई
यात्री ने ऐसे चालक की करतूत वीडियो में कैद कर सराहनीय काम किया है। मामले की जांच कराकर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -डॉ. राजशेखर, प्रबंध निदेशक यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम