{"_id":"5eeaf9e5b90d4010773019e4","slug":"carelessness-of-doctor-in-balrampur-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लापरवाहीः घुटने में थी दिक्कत, डॉक्टर ने कूल्हा बदलने की कर ली तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाहीः घुटने में थी दिक्कत, डॉक्टर ने कूल्हा बदलने की कर ली तैयारी
Thu, 18 Jun 2020 11:36 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 18 Jun 2020 11:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में मरीज के घुटने में परेशानी होने पर उसका कूल्हा बदलने की तैयारी कर ली गई। जांच के बाद सर्जरी की डेट देने के साथ दो यूनिट खून भी चढ़ा दिया गया। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही तीमारदार ने मरीज को निजी आर्थोपेडिक सर्जन के साथ कई और डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखाई तो उन्होंने कूल्हा न बदलवाने की सलाह दी। इसके बाद तीमारदार के विरोध पर बलरामपुर में सर्जरी रोक मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। लापरवाही का खुलासा होने पर अफसर संबंधित डॉक्टर को बचाने में लगे हैं।
घुटने में परेशानी पर उन्नाव की शाइस्ता (34) दो जून को केजीएमयू पहुंची तो बलरामपुर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में दिखाने की सलाह दी गई। वहां आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट देखने के बाद कूल्हा बदलने की सलाह दे डाली और 85 हजार रुपये का खर्च बताया। मरीज को 15 जून को भर्ती करा दिया। सर्जरी से पहले जांच में हीमोग्लोबिन कम निकलने पर दो यूनिट खून भी चढ़ा दिया गया।
तीमारदार मो. कमाल ने बताया कि बलरामपुर में भर्ती होने के दौरान ही शाइस्ता को प्राइवेट आर्थोपेडिक सर्जन को दिखाने ले गया। उन्हें रिपोर्ट दिखाई तो कूल्हे की बनावट थोड़ा अलग होने की बात कही, लेकिन इसे न बदलवाने की सलाह दी। इस पर घुटने के दर्द की दवा लिखकर लौटा दिया गया। इसके बाद अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज करा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
घुटने में परेशानी पर उन्नाव की शाइस्ता (34) दो जून को केजीएमयू पहुंची तो बलरामपुर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में दिखाने की सलाह दी गई। वहां आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट देखने के बाद कूल्हा बदलने की सलाह दे डाली और 85 हजार रुपये का खर्च बताया। मरीज को 15 जून को भर्ती करा दिया। सर्जरी से पहले जांच में हीमोग्लोबिन कम निकलने पर दो यूनिट खून भी चढ़ा दिया गया।
विज्ञापन
तीमारदार मो. कमाल ने बताया कि बलरामपुर में भर्ती होने के दौरान ही शाइस्ता को प्राइवेट आर्थोपेडिक सर्जन को दिखाने ले गया। उन्हें रिपोर्ट दिखाई तो कूल्हे की बनावट थोड़ा अलग होने की बात कही, लेकिन इसे न बदलवाने की सलाह दी। इस पर घुटने के दर्द की दवा लिखकर लौटा दिया गया। इसके बाद अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज करा लिया गया।
विज्ञापन
इम्प्लांट के लिए जमा 85 हजार किए वापस
प्रतीकात्मक तस्वीर
कमाल के मुताबिक बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टर ने इम्प्लांट के लिए करीब 85 हजार रुपये जमा कराए थे, वहीं, कुल खर्च एक लाख से ऊपर बताया था। सर्जरी न होने पर इम्प्लांट की राशि तो वापस कर दी गई, लेकिन सर्जरी शुल्क वापस नहीं किया गया।
मामले की अभी जानकारी नहीं है। जांच करवाकर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिस डॉक्टर ने सर्जरी करने की तैयारी की थीं, उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। - डॉ आरके गुप्ता, सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल
मामले की अभी जानकारी नहीं है। जांच करवाकर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिस डॉक्टर ने सर्जरी करने की तैयारी की थीं, उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। - डॉ आरके गुप्ता, सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल