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पीजीआई में जुटेंगे देश-विदेश के हृदय रोग विशेषज्ञ
Thu, 04 Apr 2019 01:41 AM IST
sahaj sahaj
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: sahaj sahaj
Updated Thu, 04 Apr 2019 01:41 AM IST
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तमाम जागरूकता के बाद भी ह्दय रोगियों की तादाद बढ़ रही है। छोटे व हल्के हार्ट अटैक के कई मामले सामने आ रहे हैं। इन रोगियों को राहत दिलाने में इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट एंजियोप्लास्टी काफी कारगर साबित हो रही है। यह बातें बुधवार को पीजीआई कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सत्येंद्र तिवारी ने प्रेस वार्ता में दी।
बताया कि नेशनल कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के यूपी चैप्टर के तत्वावधान में 5.7 अप्रैल तक सोसाइटी का वार्षिक अधिवेशन होगा। इसमें देश के जाने माने कई विशेषज्ञ शामिल होंगे। अधिवेशन का उद्घाटन पांच अप्रैल को भारत के उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू करेंगे व राज्यपाल राम नाईक भी उपस्थित होंगे। सोसाइटी के सचिव डॉ सत्येंद्र तिवारी ने बताया, पहले हृदयाघात अधिक उम्र की बीमारी पर आता था मगर अब यह 25 और 30 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। आंकड़ों की मानें तो इस समय 80 प्रतिशत हार्ट रोगियों को इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, अन्य 20 प्रतिशत मरीज जो हार्ट रोग के साथ ही अन्य बीमारियों से पीड़ित होते हैं या जटिल रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें ओपन हार्ट सर्जरी से उपचारित किया जा रहा है। बताया कि तीन दिवसीय अधिवेशन में हृदय रोगों में प्रयोग होने वाली इलाज की नई-नई तकनीकों पर चर्चा होगी। बताया कि हृदय रोग के उपचार में इंटरवेंशनल हार्ट ट्रीटमेंट तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। पीजीआई में भी तकनीक अपनायी जा रही है। कहा कि इमरजेंसी में आने वाले हार्ट अटैक के मरीज को छह से आठ घंटों के अंदर ही एंजियोप्लास्टी से इलाज उपलब्ध हो जाए तो मरीज को राहत होती है।
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बताया कि नेशनल कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के यूपी चैप्टर के तत्वावधान में 5.7 अप्रैल तक सोसाइटी का वार्षिक अधिवेशन होगा। इसमें देश के जाने माने कई विशेषज्ञ शामिल होंगे। अधिवेशन का उद्घाटन पांच अप्रैल को भारत के उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू करेंगे व राज्यपाल राम नाईक भी उपस्थित होंगे। सोसाइटी के सचिव डॉ सत्येंद्र तिवारी ने बताया, पहले हृदयाघात अधिक उम्र की बीमारी पर आता था मगर अब यह 25 और 30 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। आंकड़ों की मानें तो इस समय 80 प्रतिशत हार्ट रोगियों को इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, अन्य 20 प्रतिशत मरीज जो हार्ट रोग के साथ ही अन्य बीमारियों से पीड़ित होते हैं या जटिल रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें ओपन हार्ट सर्जरी से उपचारित किया जा रहा है। बताया कि तीन दिवसीय अधिवेशन में हृदय रोगों में प्रयोग होने वाली इलाज की नई-नई तकनीकों पर चर्चा होगी। बताया कि हृदय रोग के उपचार में इंटरवेंशनल हार्ट ट्रीटमेंट तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। पीजीआई में भी तकनीक अपनायी जा रही है। कहा कि इमरजेंसी में आने वाले हार्ट अटैक के मरीज को छह से आठ घंटों के अंदर ही एंजियोप्लास्टी से इलाज उपलब्ध हो जाए तो मरीज को राहत होती है।
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