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Lucknow News: दीपोत्सव पर दमकी राजधानी
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दिवाली पर रंगबिरंगी लाइटों से जगमग राजधानी।
लखनऊ। दीपोत्सव का उल्लास राजधानी पर छाया है। शनिवार को घरों की छतों से लेकर गलियों, बाजारों और प्रमुख सड़कों तक रोशनी की छटा बिखरी रही। रंग-बिरंगी झालरों और दीपों से सजा शहर शाम होते ही जगमगा उठा। उधर, बाजार भी देर रात तक गुलजार रहे। रविवार को घरों में लक्ष्मी-गणेश के पूजन की तैयारियों में लोग जुटे रहे।
इस बार दीपावली पर स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग और तुला राशि में सूर्य, बुध व चंद्रमा की मौजूदगी से विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। दीपोत्सव के दौरान नौ नवंबर को गोवर्धन पूजा, 10 और 11 नवंबर को भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक अमावस्या रविवार सुबह 10:51 बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह 11:32 बजे तक रहेगी। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न को विशेष शुभ माना गया है।
श्वेतांबर महादेव मंदिर के ज्योतिषाचार्य पं. गौरीशंकर दीक्षित के अनुसार घरों में महालक्ष्मी पूजन के लिए शाम 5:19 से रात 7:56 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में पूजन के लिए दिन में भी शुभ मुहूर्त हैं। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:28 से दोपहर 12:18 बजे तक और कुंभ लग्न का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:19 से 2:39 बजे तक रहेगा। विशेष साधना के लिए सिंह लग्न रात 12:12 से 2:27 बजे तक रहेगा। काली पूजा और तांत्रिक साधना के लिए महानिशीथ काल रात 11:24 से 12:16 बजे तक रहेगी।
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दीपावली पर ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पांडेय के अनुसार दीपावली की शाम को दो थालियों में छह-छह चतुर्मुख दीपक और 31 छोटे दीपक सजाकर जलाएं। जल, अक्षत, रोली, पुष्प, चंदन और धान का लावा अर्पित कर मंत्र ॐ दीपमालिकायै नमः पढ़ें। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश और कुबेर का पूजन कर भोग लगाएं और आरती करें। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। विद्यार्थी मां सरस्वती का ध्यान कर अध्ययन और लेखन करें।
गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट का लगेगा भोग
ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल के अनुसार नौ नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी। इस अवसर पर अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है। इसमें घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण के साथ गोमाता की भी आराधना होती है। काशी पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि नौ नवंबर को सुबह 11:32 बजे शुरू होकर 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे तक रहेगी। गोवर्धन पूजा का मुहूर्त सुबह 6:41 से 8:51 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:31 से 5:57 बजे तक रहेगा।
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भाईदूज : तिथि के संयोग से इस बार दो दिन मनाया जाएगा पर्व
ज्योतिषाचार्य पंडित अमित कुमार ने बताया कि दीपोत्सव का समापन भाईदूज पर्व के साथ होगा। इस बार द्वितीया तिथि दो दिन रहने से भाईदूज 10 और 11 नवंबर को मनाया जा सकेगा। इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह जताते हैं। द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी। 10 नवंबर को सुबह 9:05 बजे तक विशाखा और इसके बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा। तुला राशि में सूर्य और बुध की स्थिति से द्विग्रही योग भी बनेगा।
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इस बार दीपावली पर स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग और तुला राशि में सूर्य, बुध व चंद्रमा की मौजूदगी से विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। दीपोत्सव के दौरान नौ नवंबर को गोवर्धन पूजा, 10 और 11 नवंबर को भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक अमावस्या रविवार सुबह 10:51 बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह 11:32 बजे तक रहेगी। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न को विशेष शुभ माना गया है।
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श्वेतांबर महादेव मंदिर के ज्योतिषाचार्य पं. गौरीशंकर दीक्षित के अनुसार घरों में महालक्ष्मी पूजन के लिए शाम 5:19 से रात 7:56 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में पूजन के लिए दिन में भी शुभ मुहूर्त हैं। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:28 से दोपहर 12:18 बजे तक और कुंभ लग्न का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:19 से 2:39 बजे तक रहेगा। विशेष साधना के लिए सिंह लग्न रात 12:12 से 2:27 बजे तक रहेगा। काली पूजा और तांत्रिक साधना के लिए महानिशीथ काल रात 11:24 से 12:16 बजे तक रहेगी।
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दीपावली पर ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पांडेय के अनुसार दीपावली की शाम को दो थालियों में छह-छह चतुर्मुख दीपक और 31 छोटे दीपक सजाकर जलाएं। जल, अक्षत, रोली, पुष्प, चंदन और धान का लावा अर्पित कर मंत्र ॐ दीपमालिकायै नमः पढ़ें। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश और कुबेर का पूजन कर भोग लगाएं और आरती करें। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। विद्यार्थी मां सरस्वती का ध्यान कर अध्ययन और लेखन करें।
गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट का लगेगा भोग
ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल के अनुसार नौ नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी। इस अवसर पर अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है। इसमें घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण के साथ गोमाता की भी आराधना होती है। काशी पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि नौ नवंबर को सुबह 11:32 बजे शुरू होकर 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे तक रहेगी। गोवर्धन पूजा का मुहूर्त सुबह 6:41 से 8:51 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:31 से 5:57 बजे तक रहेगा।
भाईदूज : तिथि के संयोग से इस बार दो दिन मनाया जाएगा पर्व
ज्योतिषाचार्य पंडित अमित कुमार ने बताया कि दीपोत्सव का समापन भाईदूज पर्व के साथ होगा। इस बार द्वितीया तिथि दो दिन रहने से भाईदूज 10 और 11 नवंबर को मनाया जा सकेगा। इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह जताते हैं। द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी। 10 नवंबर को सुबह 9:05 बजे तक विशाखा और इसके बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा। तुला राशि में सूर्य और बुध की स्थिति से द्विग्रही योग भी बनेगा।

दिवाली पर रंगबिरंगी लाइटों से जगमग राजधानी।

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