फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Canspiracy has been failed to spread riots in Uttar Pradesh.

यूपी में दंगे की साजिश: पुलिस का दावा- हाथरस गैंगरेप केस के नाम पर हो रही थी फंडिंग

Mon, 05 Oct 2020 10:58 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 05 Oct 2020 10:58 AM IST
विज्ञापन
Canspiracy has been failed to spread riots in Uttar Pradesh.
कोतवाली चंदपा, हाथरस - फोटो : अमर उजाला

उत्तरप्रदेश पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया गया है कि हाथरस घटना के बाद राज्य में जातीय दंगे भड़काने की साजिश की गई थी। जिले में दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार और मौत की घटना के बाद तनाव का माहौल है। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद 'जस्टिस फॉर हाथरस' नाम से एक वेबसाइट भी बनाई गई थी जिसमें मुख्यमंत्री योगी के गलत बयान प्रसारित किए गए जिससे राज्य में माहौल बिगड़े। रविवार रात पुलिस ने वेबसाइट और इससे जुड़ी लोकेशन पर छापेमारी करने के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है।

विज्ञापन


विज्ञापन


राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट फॉर इंडिया (पीएफआई) समेत कुछ अन्य संगठन माहौल बिगाड़ने की लगातार साजिश कर रहे हैं। इसके लिए वेबसाइट पर स्क्रीनशॉट में ब्रेकिंग न्यूज लिखकर मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ उनका फर्जी बयान जारी किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश के डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने बताया कि इस तरह की वेबसाइट के बारे में जानकारी हुई है। जिसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था। इसमें न सिर्फ भड़काऊ सामग्री थी बल्कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से बचाव के तरीके भी बताए गए हैं। वहीं, इस वेबसाइट पर पीड़िता के परिवार को मदद के बहाने दंगों के लिए फंडिंग की जा रही थी। 

फंडिंग की बदौलत अफवाहें फैलाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया के दुरूपयोग को लेकर भी जानकारी मिली है।  इस मामले में हाथरस पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इतना ही नहीं वेबसाइट पर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज, फोटोशॉप से तैयार की गई तस्वीरों, अफवाहों, एडिटेड विजुअल का किस तरह इस्तेमाल किया जाय, ये भी जानकारी दी गयी है। 

दावा ये भी किया जा रहा है कि नफरत फैलाने के लिए दंगों के मास्टर माइंड ने कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया के महत्वपूर्ण अकाउंटों का इस्तेमाल किया है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। जरूरत हुई तो ये पूरी जांच एसटीएफ या साइबर क्राइम से कराई जाएगी।

 

दंगे की आंड़ में राजनीतिक रोटियां सेकने का अवसर तलाश रहे लोग: योगी 

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जातीय व सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से ऑनलाइन संवाद के दौरान बिना किसी का नाम लिए कहा कि जिसे विकास अच्छा नहीं लग रहा है वे लोग देश में भी, प्रदेश में भी जातीय दंगा भड़काना चाहते हैं। 

उन्होंने कहा कि इस दंगे की आंड़ में विकास रुकेगा। इस दंगे की आंड़ में उनको रोटियां सेकने का अवसर मिलेगा। इसलिए नित नए खड़यंत्र करते रहते हैं। इन खड़यंत्र से पूरी तरह आगाह होते हुए विकास की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को जिनका विकास से कोई कभी कोई सरोकार ही नहीं रहा है, उनको यह काम पच नहीं रहे। ऐसे लोग रोज साजिशें रच रहे हैं, इनसे सतर्क रहें, इनकी साजिशों को बेनकाब करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed